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झारखंड में फोन टैपिंग पर बढ़ी तकरार

रांची : फोन टैपिंग का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। साबिक़ वजीरे आला और झाविमो सरबराह बाबूलाल मरांडी ने जुमा को इल्ज़ाम लगाया था कि मुल्कभर में तीन हजार लोगों के फोन टैप किए जा रहे हैं। इस पर सनीचर को वजीरे आला रघुवर दास ने बाबूलाल मरांडी को सबूत देने की चैलेंज दी। इसके जवाब में बाबूलाल ने दावा किया कि सबूत उनके पास हैं। वहीं, रियासत के फूड सप्लाय वज़ीर सरयू राय ने बाबूलाल मरांडी को संजीदा लीडर बताते हुए दो-चार सबूत देने को कहा।

बाबूलाल सबूत दें या माफी मांगें : वजीरे आला

रघुवर दास ने सनीचर को कहा कि साबिक़ वजीरे आला के पास फोन टैपिंग का कोई सबूत है तो चौबीस घंटे के अंदर दें। सबूत न देने की हालत में झारखंड की आवाम से माफी मांगें। उन्होंने कहा कि कुछ लीडर मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए सनसनीखेज बयान देते रहते हैं। मीडिया को भी ऐसे बयानों की पड़ताल करनी चाहिए।

रघुवर सरकार की शुरुआत ही बेईमानी से हुई है : मरांडी

झाविमो सरबराह और साबिक़ वजीरे आला बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जिस सरकार की शुरुआत ही बेईमानी से हुई है, उस सरकार से अवाम क्या उम्मीद कर सकती है? मरांडी सनीचर को सकिर्ट हाउस में सहाफ़ियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा का इंतिख़ाब से पहले स्लोगन था ‘पूरी बहुत पूरा विकास’। जनता ने पूरा हिमायत दे दिया, लेकिन उससे उनको दिल नहीं भरा तो मेरी पार्टी के छह एमएलए को लालच देकर गैर कानूनी तरीके से तोड़कर कानून की धज्जियां उड़ा दी गईं। ऐसी हुकूमत से आवाम क्या उम्मीद करेगी?

उन्होंने कहा कि सरकार के एक साल के मुद्दत में सिर्फ जुर्म का ग्राफ बढ़ा है। कत्ल, लूट और इशमतरेज़ि की वारदात बढ़ी हैं। रांची में सीएम रिहाइशगाह के पास एक सख्श की गोली मारकर कत्ल कर दी गई, लेकिन मुजरिम अब तक नहीं पड़ा गया। हरिओम टावर से एक खातून ने ख़ुदकुशी कर ली, लेकिन उसके ससुराल वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। अपर बाजार में एक कारोबारी के ज़ुल्म से एक सख्श ने कत्ल कर ली। सुसाइड नोट भी मिला, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। दारुल हुकूमत में ये हाल है तो दूर दराज़ गांव की हालत की क्या होगी?

रघुवर सरकार में 514 लोगों के सरेंडर करने के फर्जी मामले दिखाए गए हैं। इंतजार अली और रफीक अली की कत्ल जैसे बेतहाशा वारदात है, जिस पर सरकार अपनी नाकामयाबी को छुपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि दागी और बदउनवान अफसर ही रघुवर सरकार को ले डूबेंगे।

 

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