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झारखण्ड में अब एयरपोर्ट की तर्ज पर डेवलोप किए जाएंगे 21 बस स्टैंड

रियासत भर के सरकारी बस स्टैंड पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर डेवलप किए जाएंगे। डीटीओ महकमा ने इसके लिए मसौदा भी तैयार कर लिया है। सरकार रियासत के कुल 21 बस स्टैंडों को हवाई अड्डे की तर्ज पर डेवलप करने की तैयारी में है। इ

रियासत भर के सरकारी बस स्टैंड पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर डेवलप किए जाएंगे। डीटीओ महकमा ने इसके लिए मसौदा भी तैयार कर लिया है। सरकार रियासत के कुल 21 बस स्टैंडों को हवाई अड्डे की तर्ज पर डेवलप करने की तैयारी में है। इसके लिए प्राइवेट शोबे की तीन बड़ी कंपनियों ने अपनी परपोजल भी दी है। इनमें आईडीएफसी (इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन) की प्रेजेंटेशन सरकार को पसंद आई है। जल्द ही सरकार उसे अपना ट्रांजेक्शन मैनेजर तक़र्रुर करने की तैयारी में है। ताकि बस स्टैंडों के तरक़्क़ी के खाका पर जल्द काम शुरू हो सके।

महकमा की मानें तो सीएम हेमंत सोरेन, वज़ीर चंपई सोरेन, चीफ सेक्रेटरी शरीक महकमा के प्रिंसिपल सेक्रेटेरी सजल चक्रवर्ती के सामने तीनों कंपनियों ने अपनी-अपनी तैयारियों से सबको मालूम कराया है। इसमें गिरीश सांघी ( गौरव बस) और जिन्फ्रा कंपनी भी शामिल है। इस पूरे मामले के लिए सरकार ने सीएस सजल चक्रवर्ती की सदारत में कमेटी भी तशकील कर दी है।

करीब 500 बस चलाने की तज़वीज़

गिरीश सांघी की तरफ से गौरव बस चल रहा है। यह कंपनी एसी और नॉन एसी बसों को चला रही है। कंपनी ने दावा किया है कि उनकी तरफ से चल रही बसें मुसाफिरों के लिए काफी महफूज़ हैं। उन्होंने यहां से 500 बसें चलाने की तज़वीज़ दिया।

कॉमर्शियल भी होगा बस स्टैंड

सरकार चाहती है कि बस स्टैंड को पूरी तरह से कॉमर्शियल बनाया जाए। ताकि इससे मुसाफिरों की सहूलत के साथ ही आमदनी भी हो। बस स्टैंड में होटल और दुकानें भी होंगी। पिने के पानी,बैतूल खुला, वेटिंग रूम समेत दीगर सहूलत बहाल किए जाने की मंसूबा है।

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