Saturday , June 24 2017
Home / test / झूठ बोलने यूरोपीय कमीशन ने फेसबुक पर लगाया 789 करोड़ का जुर्माना

झूठ बोलने यूरोपीय कमीशन ने फेसबुक पर लगाया 789 करोड़ का जुर्माना

यूरोपीय कमीशन ने गुरुवार को सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक पर व्हाट्सऐप के अधिग्रहण के दौरान गलत सूचना देने और लोगों को भ्रमित करने के लिए 11 करोड़ यूरो यानि की 789 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यूरोपीय कम्पीटीशन कमीशन की कमीश्नर मार्गेर्थ वेस्टाजे ने एक बयान में कहा है, “आज का फैसला कंपनियों को साफ संदेश है कि वो सही जानकारी देने से जुड़े यूरोपीय अधिग्रहण कानूनों को हर तरह से ख्याल रखेंगी।”
मार्गेर्थ ने कहा कि कमीशन को अधिग्रहण से कारोबारी प्रतिस्पर्धा पर प्रभाव के बारे में पूरी और सटीक तथ्य देना चाहिए। यूरोपीय कमीशन के फैसले के बाद फेसबुक ने एक बयान जारी करके कहा है कि उसने कमीशन के संग पूरा सहयोग किया और उसकी तरह से हुई भूल जानबूझकर नहीं की गयी थी।
फेसबुक के बयान में कहा गया है, “ हमारी नीयत भली थी। हमने हर स्तर पर सही सूचना देनी चाही। साल 2014 के फाइलिंग में जो जानकारी देने में हमसे गलती हुई वो जानबूझकर नहीं की गयी थी” कमीशन ने ये माना है कि इससे अधिग्रहण के प्रभाव की समीक्षा पर कोई असर नहीं हुआ था। फेसबुक ने अपने बयान में कहा कि कमीशन के इस फैसले के बाद ये मामला समाप्त हो गया है।
यूरोपीय कमीशन के माना कि साल 2014 में 19 अरब डॉलर में फेसबुक द्वारा व्हाट्सऐप के अधिग्रहण से सोशल मीडिया सेक्टर में प्रतिस्पर्धा को कोई क्षति नहीं पहुंचेगी। 18 मई को जारी बयान में यूरोपीय कमीशन ने याद दिलाया कि किसी भी अधिग्रहण से पहले कंपनियों को उसे सटीक जानकारी देनी होती है।

कमीशन ने बयान में कहा गया है कि जब फेसबुक ने साल 2014 में व्हाट्सऐप के अधिग्रहण के बारे में कमीशन को सूचित किया तो कंपनी ने कहा था कि वो “फेसबुक यूजर्स और व्हाट्सऐप यूजर्स के बीच भरोसेमंद ऑटोमेटेड मैचिंग उपलब्ध कराने में सक्षम नहीं है।” यूरोपीय कमीशन द्वारा पिछले साल करायी गयी जांच में पता चला कि फेसबुक ने गलत जानकारी दी थी और उसके पास 2014 में ऐसी मैचिंग कराने की तकनीकी संभावना थी और फेसबुक के स्टाफ को इसके बारे में पता था। कमीशन ने ये भी साफ किया है कि जुर्माने के बावजूद फेसबुक द्वारा व्हाट्सऐप के अधिग्रहण की अनुमति पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

Top Stories

TOPPOPULARRECENT