Tuesday , October 24 2017
Home / District News / टिक्टस तक़सीम में शहीदों के अहल-ए-ख़ाना-ओ-मुसलमानों को तरजीह

टिक्टस तक़सीम में शहीदों के अहल-ए-ख़ाना-ओ-मुसलमानों को तरजीह

सिनियर कांग्रेस लीडर-ओ-मर्कज़ी वज़ीर जय राम रमेश ने आज कहा कि मुजव्वज़ा चुनाव में टिक्टों की तक़सीम के वक़्त तेलंगाना के शहीदों के ख़ानदानों और मुसलमानों को तरजीह दी जाएगी।

सिनियर कांग्रेस लीडर-ओ-मर्कज़ी वज़ीर जय राम रमेश ने आज कहा कि मुजव्वज़ा चुनाव में टिक्टों की तक़सीम के वक़्त तेलंगाना के शहीदों के ख़ानदानों और मुसलमानों को तरजीह दी जाएगी।

रमेश ने एलान किया कि अगर सब कुछ तवक़्क़ुआत के मुताबिक़ रहा तो किसी दलित क़ाइद को नई रियासत तेलंगाना का चीफ मिनिस्टर बनाया जाएगा।

उन्होंने यहां अख़बारी नुमाइंदों से बात चीत करते हुए ये बात बताई और कहा कि एक दलित को चीफ मिनिस्टर बनाया जा सकता है। किसी दलित को चीफ मिनिस्टर बनाना कांग्रेस पार्टी के ही बस की बात है।

उन्होंने कहा कि किसी रियासत की तशकील किसी काज़ के लिए एहतेजाज करने जितनी आसान नहीं है। ये एक मुश्किल काम था जिसे कांग्रेस पार्टी ने अंजाम दिया है।

मुजव्वज़ा आम चुनाव में टिक्टों की तक़सीम से मुताल्लिक़ सवाल का जवाब देते हुए रमेश ने कहा कि जिन अफ़राद ने तेलंगाना रियासत की तशकील के लिए जानें क़ुर्बान करदी हैं उनके अफ़रादे ख़ानदान और मुसलमानों को टिक्टों की तक़सीम में तरजीह दी जाएगी।

इसी तरह की हिक्मत-ए-अमली कांग्रेस ने कर्नाटक में इख़तियार की थी। साबिक़ चीफ मिनिस्टर मिस्टर किरण कुमार रेड्डी से मुताल्लिक़ एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि किरण कुमार को एक असेंबली स्पीकर से रास्त चीफ मिनिस्टर बनाया गया था हालाँकि उन्हें किसी वज़ारत का तजुर्बा नहीं था इस के बावजूद उन्होंने कांग्रेस पार्टी से धोका किया है।

कांग्रेस और तेलंगाना राष़्ट्रा समीति के बीच इत्तेहाद के इमकान से मुताल्लिक़ विसाल पर उन्होंने कहा कि टी आर एस से इत्तेहाद का मसला अभी ख़त्म नहीं होगया है और हाईकमान इस मसले का जायज़ा लेगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज़ादाना मुक़ाबला करेगी। तेलंगाना में हमें अवाम की ताईद हासिल है और ये दौड़ हम जीतेंगे। उन्होंने कहा कि सदर कांग्रेस सोनिया गांधी तेलंगाना रियासत की माता ( माँ ) नहीं बल्कि निर्माता ( तख़लीक़ कनुंदा ) हैं। रमेश ने हैदराबाद में प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि 2 जून को अलाहिदा तेलंगाना रियासत वजूद में आ जाएगी। वज़ारत-ए-दाख़िला पहले ही एसा इशारा दे चुकी है।

TOPPOPULARRECENT