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टिक्टों की बुकिंग में कमी लेकिन ट्रेनें मुसाफ़िरों से भरी

ट्रेनें मुसाफ़िरों से खचाखच भरी जारी हैं, लेकिन गुज़िश्ता छः माह के दौरान टिकट बुकिंग की शरह में ज़बरदस्त कमी आई है। दीवालीया का शिकार रेलवे को फ़िक्र लाहक़ होगई है कि आख़िर ट्रेनें भरी हुई होने के बावजूद टिकट की रक़म कहाँ जा रही है?

ट्रेनें मुसाफ़िरों से खचाखच भरी जारी हैं, लेकिन गुज़िश्ता छः माह के दौरान टिकट बुकिंग की शरह में ज़बरदस्त कमी आई है। दीवालीया का शिकार रेलवे को फ़िक्र लाहक़ होगई है कि आख़िर ट्रेनें भरी हुई होने के बावजूद टिकट की रक़म कहाँ जा रही है? नियम मज़ाफ़ाती सेक्टर में सफ़र करने वाले मुसाफ़िरों की तादाद बढ़ रही है जिस में मेल और ऐक्सप्रैस ट्रेनों में रेज़र वुड, गैर रेज़र वुड ज़ुमरे भी शामिल हैं। अप्रैल। सितंबर के दौरान 198235 मिलियन अफ़राद ने सफ़र किया जब कि गुज़िश्ता छः माह के दौरान 2058.03 मिलियन मुसाफ़िरों ने सफ़र किया था।

गुज़िश्ता छः माह के दौरान टिकट की बुकिंग साल के मुक़ाबिल इस में कमी दर्ज की गई। अगरचे कि इस साल मुसाफ़िर किराये में रिज़र्वेशन फीस और सुपर फ़ास्ट सरचार्ज के साथ इज़ाफ़ा किया गया था। इस के बावजूद रेलवे की आमदनी में तवक़्क़ो के मुताबिक़ इज़ाफ़ा नहीं हुआ है। बगैर टिकट के सफ़र करने से रेलवे की आमदनी में तवक़्क़ो के मुताबिक़ इज़ाफ़ा नहीं हुआ है। बगैर टिकट के सफ़र करने से रेलवे की आमदनी घट गई है।

रेलवे बोर्ड के रुकन (ट्रैफिक) देवी प्रसाद पांडे ने कहा कि हम ने टिकट चेकिंग का काम तेज़ कर दिया है। बड़े स्टेशनों पर टिकट चेक की जा रही है। टिकट की आसानी से दस्तयाबी को यक़ीनी बनाने के भी इक़दामात किए जा रहे हैं। इस के लिए ज़्यादा से ज़्यादा काउंटरस खोले जा रहे हैं और अमला का इंतेज़ाम किया जा रहा है। अगरचे कि ट्रेन के डिब्बे मुसाफ़िरों से खचाखच भरे रहते हैं, मगर रेलवे की आमदनी में इज़ाफ़ा नहीं होता। ये पूछे जाने पर कि आया किराये में इज़ाफ़ा और मआशी सुसत रफ़्तारी के बाइस मुसाफ़िरों की नक़ल-ओ-हरकत पर मनफ़ी असर पड़ा है? उन्होंने कहा कि सड़क का सफ़र ट्रेन से ज़्यादा महंगा होता है। मुल्क में आम आदमी के लिए रेलवे एक बहतरीन ज़रीया है।

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