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टेनिस के बेताज बादशाह

पेरिस, १6 दिसम्बर: (ए एफ़ पी) साल 2011-ए-में तीन ग्रांड सलाम ख़ताबात , 5 मास्टर्स ख़ताबात हासिल करने और 70 मैचेस में कामयाबी के रेकॉर्ड्स के साथ नवाक़ जोकोविच दुनियाए टेनिस के बेताज बादशाह रहे।

पेरिस, १6 दिसम्बर: (ए एफ़ पी) साल 2011-ए-में तीन ग्रांड सलाम ख़ताबात , 5 मास्टर्स ख़ताबात हासिल करने और 70 मैचेस में कामयाबी के रेकॉर्ड्स के साथ नवाक़ जोकोविच दुनियाए टेनिस के बेताज बादशाह रहे।

इस साल उन्हें सिर्फ़ 6 मैचेस में शिकस्त हुई और उन्हों ने जुमला 12.6 मीलियन डॉलर्स इनामी रक़म कमाई। जोकोविच ने साल 2010-ए-के अवाख़िर में सर्बिया को डेविस कप का पहला ख़िताब दिलाने के बाद शोहरत के सफ़र का आग़ाज़ किया। वो साल 2011-ए-के पहले निस्फ़ मैं 43 मैचेस में कामयाबी हासिल करचुके थे। इस दौरान उन्हें जनवरी में ऑस्ट्रेलियन ओपन का सिंगलज़ ख़िताब में हासिल हुआ, ताहम उन की कामयाबीयों का सफ़र फ़्रैंच ओपन के सेमीफाइनल में आकर टूटा जहां रोजर फ़ेडरर ने उन्हें शिकस्त दी थी।

जोकोविच ने साल के इबतिदाई चार मास्टर्स ख़ताबात इंडियन वेल्ज़ , मियामी, मैड्रिड और रुम में हासिल किए थी। उन्हों ने इन चारों ख़िताबी मुक़ाबलों में स्पेन के राफ़ील नडाल को शिकस्त दी थी। जोकोविच ने इस के बाद विंबलडन ओपन के फाईनल में भी नडाल को शिकस्त दी और आलमी रैंकिंग में अव्वल नंबर मुक़ाम भी इन से छीन लिया।

जोकोविच ने जारीया साल अमरीकी ओपन का भी ख़िताब जीता और यहां भी उन्हों ने नडाल ही को शिकस्त से दो-चार किया। इस से क़बल सेमी फाइनल मुक़ाबले में जोकोविच ने रोजर फ़ेडरर को एक इंतिहाई सख़्त और दिलचस्प मुक़ाबले में हराया था। मुसलसल और बेहतरीन टेनिस मुक़ाबलों का जोकोविच के कंधे और पीठ पर असर दिखाई दिया और साल के आख़िरी मराहिल में उन्हें कुछ ज़ख़म भी हुए और चार मैचेस में उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा।

ख़ुद जोकोविच का कहना है कि साल 2011-ए-उन के लिए नाक़ाबिल-ए-यक़ीन रहा। इस साल की कामयाबियां उन की ज़िंदगी में हमेशा याद रहेंगी और ये नाक़ाबिल फ़रामोश है। 1984ए- में जान मैकनरो ने एक साल में सिर्फ 3 शिकस्तों के बाद 82 कामयाबीयों का रिकार्ड क़ायम किया था और ऐसा लग रहा था कि जोकोविच इस रिकार्ड को भी तोड़ देंगे।

खासतौर पर अमरीकन ओपन के बाद ये उम्मीदें बढ़ गई थीं जब जोकोविच 64 कामयाबीयों और 2 नाकामियों के साथ खेल रहे थी। जान मैकनरो ने कहा कि टेनिस की तारीख़ में जोकोविच केलिए साल 2011-ए-बहुत बड़ी कामयाबीयों का साल रहा। ये भी कहा जा रहा है कि जोकोविच ने रोजर फ़ेडरर के ख़िलाफ़ विंबलडन के सेमीफाइनल में मैच प्वाईंट के वक़्त एक ऐसा शॉट खेला था जिसे साल का बेहतरीन शॉट भी क़रार दिया जा सकता ही। इस शॉट के ज़रीया जोकोविच ने फ़ेडरर को शिकस्त दी थी।

जारीया साल जोकोविच की कामयाबीयों का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्हों ने तमाम टाप खिलाड़ियों को धूल चटाई। उन्हों ने राफ़ील नडाल को 6 मैचेस में 6 मर्तबा शिकस्त दी। रोजर फ़ेडरर को 5 मैचेस में 4 मर्तबा जबकि एंडी मरे को 3 मुक़ाबलों में 2 मर्तबा शिकस्त दी। वो सिनसिनाटी ओपन के फाईनल में ज़ख़मी होकर सबकदोश होगए थे जिस में मरे कामयाब क़रार पाई।

जोकोविच , नडाल और फ़ेडरर ने गुज़श्ता 32 ग्रांड सलाम टूर्नामेंटस में 29 मैं कामयाबी हासिल कीं। 2004ए- के बाद से टेनिस में उन्ही खिलाड़ियों का ग़लबा है। 2004 का फ़्रैंच ओपन फाईनल गयासटन गाडीव ने जीता था जबकि 2005 का ऑस्ट्रेलियन ओपन फाईनल रूस के मराट साफिन ने जीता। 2009- का अमरीकी ओपन फाईनल यवान मार्टिन डील पोट्रो ने हासिल किया था।

माबक़ी तमाम ही ख़ताबात टाप 3 खिलाड़ियों ही में बट गई। राफ़ील नडाल जारीया साल अपने ग्रांड सलाम ख़ताबात की तादाद में सिर्फ एक का ही इज़ाफ़ा कर पाए और वो 11 ख़ताबात के हामिल होगए हैं। उन्हों ने जारीया साल मुसलसल छुट्टी मर्तबा फ़्रैंच ओपन का ख़िताब जीता है। इस साल नडाल को अपने आलमी नंबर एक रैंक से महरूम होना पड़ा जबकि उन की शिकायत है कि बहुत ज़्यादा मैचेस और अमरीकी ओपन टेनिस के नाक़िस शैडूल की वजह से ऐसा हुआ है।

नडाल 2012 में डेविस कप टेनिस मुक़ाबलों से दूर रहेंगे और लंदन ओलम्पिकस की तैय्यारी करेंगे ताकि अपने ख़िताब का वहां दिफ़ा करसकें। साल 2011-ए-में नडाल ने सब से ज़्यादा 84 मैचेस खेले। फ़ेडरर ताहम जारीया साल कोई ग्रांड सलाम ख़िताब नहीं जीत सके। वो जनवरी में दोहा ओपन का ख़िताब हासिल करने के बाद बासेल, पैरिस और छटा वर्ल्ड टूर ख़िताब भी जीत पाए हैं।

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