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टोपी से मोदी का इनकार कांग्रेस को फ़ायदा

इस्लाम की तौहीन पर उल्मा की तन्क़ीद, टोपी पहनना सैकूलर अलामत नहीं : बी जे पी

इस्लाम की तौहीन पर उल्मा की तन्क़ीद, टोपी पहनना सैकूलर अलामत नहीं : बी जे पी
अहमदाबाद । 20 सितंबर (एजैंसीज़) चीफ़ मिनिस्टर नरेंद्र मोदी की जानिब से टोपी पहनने से इनकार पर सयासी-ओ-मज़हबी तनाज़ा पैदा होगया है लेकिन इस से कांग्रेस को सयासी फ़ायदा हासिल होने की तवक़्क़ो है। एक आलम दीन ने मोदी की इस हरकत पर एहतिजाज करते हुए उसे तौहीन इस्लाम क़रार दिया। सय्यद इमाम-ए-शाही सईद ने इल्ज़ाम आइद किया कि मोदी ने मुस्लमानों की टोपी पहनने से इनकार करके मज़हब इस्लाम की तौहीन की है। इस मसला ने कांग्रेस के हौसले बढ़ा दिए हैं और इस ने मोदी के ख़िलाफ़ अपनी तन्क़ीदों और मोदी के सद भावना मिशन के ख़िलाफ़ मुहिम को तेज़ करदिया है। मोदी को टोपी की पेशकश करने वाले सूफ़ी इमाम-ए-शाही सईद ने कहा कि मैं वहां बी जे पी या कांग्रेस कारकुन बन कर नहीं गया था बल्कि एक मज़हबी रहनुमा की हैसियत से पहूँचा था लेकिन मोदी ने टोपी पहनने से इनकार करके इस्लाम की तौहीन की है। अप्पोज़ीशन पार्टी इस मसला को उछालना चाहती है और मोदी के नक़ली सैकूलर चेहरे को आशकार करके अपने मुवाफ़िक़ मुस्लिम वोट बंक पर तवज्जा दे रही है। बी जे पी ने इस वाक़िया को कांग्रेस की साज़िश क़रार दिया है। गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदर अर्जुन मोधो उड़िया ने कहा कि मोदी का टोपी पहनने से इनकार करना इस बात का सबूत हीका वो इस्लाम के ख़िलाफ़ हैं। इस से चीफ़ मिनिस्टर और उन की पार्टी का असल चेहरा सामने आगया है। रियास्ती बी जे पी के तर्जुमान वजए रूपाणी ने सवाल किया कि आया मुस्लमानों की टोपी पहनने से ही सद्भावना का मुज़ाहरा होता है? बी जे पी इस बात को नहीं मानती कि सिर्फ मज़हबी मुज़ाहरा से हक़ीक़त सामने आएगी बल्कि इस का ईक़ान असल सद्भावना पर है। हिंदूओं को ईसाईयों का ईद या मुस्लमानों की टोपी पहनने की ज़रूरत नहीं है। इस तरह मुस्लमानों या ईसाईयों को एक दूसरे के मज़ाहिब के लिबास पहनने की ज़रूरत नहीं और ना ही इस तरह के तनाज़ा पैदा करने चाहीए। बताया जाता हीका टोपी के मसला पर पैदा होने वाले तनाज़ा की वज़ाहत करते हुए बी जे पी ने ऐस ऐम ऐस मुहिम शुरू की है और मोदी के इनकार को हक़बजानिब क़रार दिया है। हिन्दू को अपनी सैकूलर शनाख़्त ज़ाहिर करने केलिए टोपी पहनने की ज़रूरत , और ना ही मुस्लमानों को सैकूलर साबित करने केलिए मंदिर जाने की ज़रूरत है। ये पयाम हर मेल फ़ोन पर रवाना किया जा रहा है। ऐस ऐम ऐस में ये भी लिखा गया हीका बी जे पी, मुस्लमानों को ख़ुश करने या दिलजोई पर यक़ीन नहीं रखती। इसी दौरान कांग्रेस के लीडर ने वज़ाहत की कि इन की जानिब से शुरू करदा भूक हड़ताल पार्टी की मंज़ूरी से नहीं की गई।
हज केलिए ख़ानगी टूर आपरेटर्स स्कीम पर अदालत का हुक्म अलतवा
नई दिल्ली । 20 । सितंबर (पी टी आई) दिल्ली हाईकोर्ट ने आज मर्कज़ी हुकूमत को हिदायत दी है कि वो मुंतख़ब हज टूर आपरेटर्स को हिंदूस्तानी हुज्जाज के लिए सऊदी अरब की तरफ़ से जारी किए जाने वाले वीज़ों की हवालगी और सफ़र हज का एहतिमाम करने की इजाज़त से मुताल्लिक़ एक स्कीम पर मज़ीद कोई अमल आवरी ना करे। जस्टिस राजीव माही ऐंड ला ने अस्सिटैंट सालीसीटर जनरल ए ऐस चनडीहाक की जानिब से अदालत को ये बताए जाने के बाद कि ये मसला पहले ही बंबई हाईकोर्ट में ज़ेर तसफ़ीया है, ये अहकाम जारी किए हैं। बंबई हाईकोर्ट ने हुकूमत के आलामीया पर अमल आवरी के ख़िलाफ़ हुक्म अलतवा जारी करदिया है । वज़ारत उमूर ख़ारिजा ने 14 सितंबर को आलामीया जारी करते हुए 568 मुंतख़ब ख़ानगी टूर आपरेटर्स को 45,491 आज़मीन-ए-हज्ज को मक्का मुअज़्ज़मा लेजाने की इजाज़त दी थी लेकिन चंद दूसरे टूर आपरेटर्स ने जिन्हें हज सफ़र के लिए हुकूमत ने सऊदी अरब के वीज़े नहीं दीए थे इस आलामीया के ख़िलाफ़ बंबई हाईकोर्ट में दरख़ास्त दायर करते हुए हुक्म अलतवा हासिल करलिया था

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