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ट्रम्प ‘योग्यता’ के आधार पर आव्रजन प्रणाली लागू करना चाहते हैं

संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति ‘डोनाल्ड ट्रम्प’ ने कांग्रेस को दिए अपने एक भाषण में ‘मेरिट पर आधारित’ आव्रजन प्रणाली को अपनाने का प्रस्ताव दिया जिससे भारत जैसे देशों के उच्च तकनीकी पेशेवरों को फायदा हो सकता है।

ट्रम्प ने कहा, दुनिया के कई देशो जैसे ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और अन्य देशो में इस प्रकार की ‘मेरिट पर आधारित’ आव्रजन प्रणाली को अपनाया गया है। इस प्रणाली के कारण इन देशो ने अनगिनत डॉलर बचाये हैं और उनके यहाँ काम करने वाले मजदूरों के वेतनों में भी बढ़ोतरी हुई है।

ऑस्ट्रलिया की ‘मेरिट पर आधारित’ आव्रजन प्रणाली

ऑस्ट्रलिया जिसकी आबादी 24 मिलियन है उसमे हर साल 190000 ‘स्थायी प्रवास वीज़ा’ दिए जाते हैं । यह वीज़ा तीन श्रेणियों में बंटे हुए हैं – कुशल, परिवार और मानवीय । दो-तिहाई  ‘स्थायी प्रवास वीज़ा’  कुशल प्रवासियों को अपने देश की ओर आकर्षित करने के लिए दिए जाते हैं। कुछ कुशल वीसा, ‘अंक आधारित प्रणाली’ के आधार पर दिए जाते हैं । इसमें अंग्रेजी निपुणता, आयु, अनुभव और व्यवसाय को मद्दे नज़र रखते हुए अंक दिए जाते हैं। उदाहरण के लिए एक प्रवासी जिसने पीऐचडी करी हो उसे कॉलेज की शिक्षा पूरी न करने वाले छात्र से अधिक अंक मिलेंगे ।

जो लोग परिवार वीज़ा के लिए कोशिश करते हैं उन्हें किसी भी कौशल की आवश्यकता नहीं होती है । ऐसे लोगों का कोई करीबी रिस्तेदार ऑस्ट्रेलिया का नागरिक, स्थायी निवासी  या न्यूज़िलैंड़ का कोई निवासी होना चाहिए जो ऑस्ट्रेलिया मे रह रहा हो ।

मानवीय वीसा शरणार्थियों को दिया जाता है।

ट्रम्प, ने दिवंगत राष्ट्रपति ‘अब्राहम लिंकन’  को याद करते हुए ‘मेरिट पर आधारित’ आव्रजन प्रणाली के बारे में कहा की ” लिंकन सही थे- समय आ गया है की उनके शब्दो को ध्यान मे रखा जाये। इस नयी प्रणाली के बहुत फायदे होंगे जैसे की – अनगिनत डॉलरों की बचत, मज़दूरों के वेतनों मे वृद्धि और संघर्ष करते हुए परिवारों की मदद।”

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