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डीज़ल की क़ीमतों में इज़ाफे पर रंगा राजन का इसरार

कोलकता:हुकूमत को डीज़ल की क़ीमतें दुरुस्त करने के लिए कार्रवाई करनी होगी क्योंकि इस के इस्तेमाल में लगातार‌ इज़ाफ़ा होरहा है। सदर नशीन मआशी मुशावरती कौंसल बराए वज़ीर-ए-आज़म रंगा राजन ने इंडियन इंस्टीटियूट आफ़ फ़ौरन ट्रेड के एक समीनार

कोलकता:हुकूमत को डीज़ल की क़ीमतें दुरुस्त करने के लिए कार्रवाई करनी होगी क्योंकि इस के इस्तेमाल में लगातार‌ इज़ाफ़ा होरहा है। सदर नशीन मआशी मुशावरती कौंसल बराए वज़ीर-ए-आज़म रंगा राजन ने इंडियन इंस्टीटियूट आफ़ फ़ौरन ट्रेड के एक समीनार से ख़िताब करते हुए कहा कि अंदरून-ए-मुल्क डीज़ल की क़ीमतें ख़ाम तेल की बैन-उल-अक़वामी क़ीमतों के मुतनासिब नहीं हैं।

मालीयाती इर्तिकाज़ हासिल करने के लिए डीज़ल की क़ीमतों को दुरुस्त करने कार्रवाई करनी होगी। इस सवाल पर कि डीज़ल की क़ीमतों में आइन्दा इज़ाफ़ा कब मुतवक़्क़े है, उन्होंने कहा कि इस का इन्हिसार हुकूमत पर है। रंगा राजन ने अपना नुक़्ता-ए-नज़र पेश करते हुए कहा कि डीज़ल की क़ीमतों में इज़ाफ़ा नागुज़ार है।

इस से इफ़रात-ए-ज़र की बुलंद सतह कम करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि रेलवे मुसाफ़िर के किरायों में इज़ाफे का एलान किया जा चुका है। इस से भी हुकूमत को मालिया के इर्तिकाज़ में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इफ़रात-ए-ज़र की बुलंद सतह, आला सतही माली ख़सारा और आला सतही करंट एकाऊंट ख़सारा (सी ए डी) तशवीश की बड़ी वजूहात हैं।

आर बी आई के साबिक़ गवर्नर ने कहा कि हुकूमत इस पर क़ाबू पाने की जद्द-ओ-जहद कररही है। सोने की दरआमदात में इज़ाफे से भी सी ए डी की सतह बुलंद होगई है जो माली साल 2012-13 के निस्फ़ आख़िर में 5.4 फ़ीसद थी। जिस की वजह से रुपये पर भी दबाओ पैदा होरहा है।

रंगा राजन ने कहा कि दीगर मालीयाती असासा जात भी ज़्यादा पुरकशश बनाने होंगे। उन्होंने मज़ीद कहा कि इफ़रात-ए-ज़र की बुलंद शरहें सोने को ज़्यादा पुरकशश बना चुकी हैं। क्योंकि अंदरून-ए-मुल्क सोने की दरआमदात में लगातार‌ इज़ाफ़ा होरहा है। रंगा राजन ने कहा कि तवक़्क़ो है कि इफ़रात-ए-ज़र ख़त्म मार्च तक 7 फ़ीसद के लग भग होगा।

रंगा राजन ने मज़ीद कहा कि तिजारती ख़सारे में इज़ाफ़ा होरहा है क्योंकि अंदरून-ए-मुल्क शरह तरक़्क़ी देखी जा रही है। दूसरी तरफ़ बरामदात में इज़ाफ़ा कम होचुका है। टैक्स, जी डी पी तनासुब में कमी होचुकी है। चुनांचे हुकूमत को अख़राजात के शोबा पर खासतौर पर रियायतों पर तवज्जु देनी होगी और इस सिलसिले में कार्रवाई करनी होगी।

ख़त्म मार्च 2013 तक तवक़्क़ो है कि जी डी पी शरह तरक़्क़ी 6 फ़ीसद के क़रीब और माली साल 2013-14 में 7 फ़ीसद के क़रीब होगी। सदर नशीन मआशी मुशावरती कौंसल बराए वज़ीर-ए-आज़म सी रंगा राजन ने कहा कि हम 8 फ़ीसद शरह तरक़्क़ी बहाल करने के काबिल होजाएंगे और ये 9 फ़ीसद भी होसकती है।

बशर्तिके बैन-उल-अक़वामी अनासिर इस के लिए साज़गार हो। मर्कज़ी वज़ीर रेलवे पी के बंसल ने ही रेलवे मुसाफ़िर किरायों में इज़ाफे का एलान किया। शरह बारबुर्दारी में कोई इज़ाफ़ा नहीं किया गया लेकिन एसे इशारे ज़रूर दिए गए हैं कि बारबुर्दारी की शरह में भी अनक़रीब इज़ाफ़ा होगा। अलावा अज़ीं पकवान गैस और डीज़ल की क़ीमतों में भी काफ़ी इज़ाफे़ की तजवीज़ वज़ारत तेल ने मर्कज़ी काबीना को पेश करदी है, जिस का आज इजलास होरहा है।

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