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डोक्टर एम चिन्ना रेड्डी फाउंडेशन का आग़ाज़

आँजहानी चीफ मिनिस्टर के पोतरे एम आदित्य रेड्डी की समाजी ख़िदमात

आँजहानी चीफ मिनिस्टर के पोतरे एम आदित्य रेड्डी की समाजी ख़िदमात
आँजहानी डोक्टर एम चन्ना रेड्डी साबिक़ चीफ मिनिस्टर आंधरा प्रदेश के नाम से उन के पोतरे मिस्टर एम आदित्य रेड्डी ने आज एक गैर सरकारी तंज़ीम का आग़ाज़ किया है । मिस्टर एम आदित्य रेड्डी ने डोक्टर एम चिन्ना रेड्डी फाउंडेशन के आग़ाज़ के मौक़ा पर ज़राए इबलाग़ के नुमाइंदों से बात चीत करते हुए कहा कि फाउंडेशन का बुनियादी मक़सद अवामी मसाइल का हल है ।

उन्हों ने हुकूमत और अवाम के दरमियान राबिता के फ़ुक़दान का तज़किरा करते हुए कहा कि वो इस तंज़ीम के ज़रीया अवाम और हुकूमत के दरमियान राबिता को मज़बूत बनाने की कोशिश करेंगे । मिस्टर आदित्य रेड्डी ने बताया कि रियासती-ओ-मर्कज़ी हुकूमत के मुख़्तलिफ़ प्रोग्राम्स के ज़रीया अवाम की तरक़्क़ी को यक़ीनी बनाते हुए पसमांदगी को दूर करने में कलीदी किरदार अदा किया जा सकता है ।

सदर नशीन यम सी आर फाउंडेशन ने बताया कि आज अक़ल्लीयतों की पसमांदगी का जायज़ा लेने से अंदाज़ा होता है कि लाखों करोड़ की जायदादें रखने वाली क़ौम ना सिर्फ अपनी ओक़ाफ़ी जायदादों से महरूम होरही है बल्कि क़ाबज़ेन इन जायदादों के ज़रीया करोड़ों रुपय वसूल कररहे हैं ।

मिस्टर एम आदित्य रेड्डी ने बताया कि इन की फाउंडेशन अवामी मसाइल का जायज़ा लेते हुए उन के हल के लिये इक़दामात करेगी और अवाम के दरमियान पहुंच कर अवाम के मसाइल से आगही हासिल की जाएगी । अलावा अज़ीं उन मसाइल को मेंह मुद्दत में हल करने के लिये नुमाइंदगी की जाएगी ।

उन्हों ने बताया कि वो अपने दादा के नक़श-ए-क़दम पर गामज़न होते हुए अवामी फ़लाह-ओ-बहबूद के ख़िदमात अंजाम देने के मुतमन्नी हैं । मिस्टर आदित्य रेड्डी ने बताया कि इमकना , क़र्ज़ा जात , कारोबार जैसी स्कीमों से अवाम को मुस्तफ़ीद बनाने के लिये कोशिश की जाएगी ।

ओहदेदारों को अवाम के दरमियान ले जाते हुए उन्हें रास्त तौर पर अवामी मसाइल से वाक़िफ़ करवाया जाएगा । उन्हों ने ेस सी , ेस टी तबक़ा के लिये ज़ेली मंसूबा की तरह अक़ल्लीयतों के लिये भी ज़ेली मंसूबा तय्यार करने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए कहा कि फाउंडेशन ज़िला-ओ-मुस्तक़र में पहुंच कर ख़िदमात अंजाम देगा ताकि अवाम को बचाया जा सके ।

उन्हों ने रियासत की मौजूदा सूरत-ए-हाल के लिये रियासत और अवाम के दरमियान राबिता के फ़ुक़दान को ज़िम्मेदार क़रार देते हुए कहा कि अगर गैर सरकारी तनज़ीमें इस तरह के कामों में आगे आती हैं तो सूरत-ए-हाल को तब्दील किया जा सकता है ।।

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