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डोनल्ड ट्रंप की रियाद बैठक दिखावटी थी, उसका कोई राजनैतिक महत्व नहीं है- ईरान

तेहरान। इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने पत्रकारों से बात करते हुए अपनी अगली सरकार की नीतियों और दृष्टिकोणों को स्पष्ट किया।

डाक्टर हसन रूहानी ने सोमवार को 12वें राष्ट्रपति चुनावों में भारी सफलता के बाद पहली बार दुनिया भर के पत्रकारों से बात करते हुए सऊदी अरब में कुछ अरब देशों के साथ अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की बैठक और ईरान पर आतंकवाद के समर्थन के आरोप के बारे में कहा कि रियाद बैठक दिखावटी थी और उसका कोई राजनैतिक महत्व नहीं है क्योंकि आतंकवाद से संघर्ष का मामला, एक विश्व शक्ति को एक राष्ट्र का पैसा देने और एक बैठक से हल नहीं होगा।

डाक्टर हसन रूहानी ने ई5राक़ी, सीरियाई और लेबनानी राष्ट्र को क्षेत्र में आतंकवाद से संघर्ष में अग्रिम मोर्चे में बताया और कहा कि ईरानी राष्ट्र अपने कूटनयिक और सैन्य परामर्श द्वारा इन राष्ट्रों और दूसरे राष्ट्रों की आतंकवाद से संघर्ष में सहायता करता रहा है और करता रहेगा।

उन्होंने अपने दूसरे राष्ट्रपति काल में अमरीका के साथ ईरान के संबंध के बारे में कहा कि अमरीका ने हमेशा से ईरान के विरुद्ध विभिन्न शैलियों का प्रयोग किया है और यह शैलियां पराजित हो चुकी हैं और हमें आशा है कि इस बार अमरीकी सरकार अपने राष्ट्र के हित के बारे में सोचेगी क्योंकि कुछ लोग अमरीकी जनता को गुमराह कर रहे हैं या कुछ लोगों को अमरीका में पैसों से ख़रीदा जा रहा है।

इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने तेहरान द्वारा क्षेत्र में प्रतिरोधकर्ता गुटों और हिज़्बुल्लाह का समर्थन समाप्त करने के बारे में अमरीका के विदेशमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि लेबनान का इस्लामी प्रतिरोध संगठन, लेबनानी जनता के निकट विश्वसनीय और स्वीकार गुुट है और इस संगठन का लेबनानी जनता सहित इस देश के ग़ैर मुस्लिम और ईसाई तक सम्मान करते हैं, इस आधार पर आरोप लगाकर मामला हल नहीं किया जा सकता इसीलिए आतंकवाद से सच्चाई से संघर्ष आवश्यक है।

राष्ट्रपति ने आतंकवाद से संघर्ष में ईरानी सरकार के कार्यक्रम के बारे में कहा कि ईरान ने बारंबार दुनिया को यह बताया है कि तेहरान, चरमपंथ और हिंसा रहित दुनिया का इच्छुक है और दुनिया ने भी इस विषय को स्वीकार किया है।

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