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तलबा और नौजवानों के लिए फ़्री वोकेशनल ट्रेनिंग कोर्सेस से भरपूर इस्तेफ़ादा पर-ज़ोर

हैदराबाद 18 जनवरी: इस्लाम एक पाबंद डिसिप्लिन मज़हब है जिसकी तालीमात में रोज़मर्रा ज़िंदगी गुज़ारने के लिए मुकम्मिल निज़ाम हयात मिलता है। नमाज़ के औक़ात सुबह ता शाम मुक़र्रर हैं, इस्लामी तालीमात पर अमल पैरा हो कर कोई भी मुसलमान दुनिया और आख़िरत में कामयाब हो सकता है।

इन ख़्यालात का इज़हार ज़हीरुद्दीन अली ख़ान मैनेजिंग एडीटर सियासत ने अहाता सियासत के महबूब हुसैन जिगर हाल में आई सी आई सी आई एकेडेमी फ़ार स्किल के सेमीनार से ख़िताब करते हुए किया। सिलसिला तक़रीर जारी रखते हुए उन्होंने नौजवानों पर-ज़ोर दिया कि वो इस स्कीम और सहूलत से बरवक़्त और भरपूर इस्तेफ़ादा करें तो उनका मुस्तक़बिल रोशन होगा।

100 दिन के मुख़्तसर मुद्दती ट्रेनिंग प्रोग्राम से अगर सही मुस्तफ़ीद हूँ तो बाक़ी 30 साल तक उन्हें फ़ायदा हासिल रहेगा। वेद कुमार तेलंगाना री रिसोर्सेस सेंटर ने इस मौके पर तक़रीर करते हुए कहा कि सिर्फ लिखना, पढ़ना अहम नहीं है बल्कि अच्छे अख़लाक़-ओ-किरदार से कामयाबी और समाज में मुक़ाम मिलता है।

उन्होंने सी एस आर के तहत मिलने वाली मुराआत से नौजवान तबक़ा को फ़ायदा उठाने कि हिदायत दि और इदारा सियासत की कोशिशों की सताइश की। ज़हीरुद्दीन अली ख़ां की ज़ाती दिलचस्पी से एसे प्रोग्राम जो ना सिर्फ मक़सदी बल्कि निहायत मुफ़ीद होते हैं सियासत हाल में रखे जाते हैं। अभए शर्मा डायरेक्टर आई सी आई सी आई बैंक एकेडेमी फ़ार स्किल ने फ़्री वोकेशनल कोर्सेस के पर तफ़सीली रोशनी डालते हुए बताया कि फ़्री वेब डिज़ाइनिंग, ऑफ़िस एडमिनिस्ट्रेशन, रईल मैनेजमेंट जो मुख़्तसर मुद्दती तीन माह, छः माह के हैं और जिस के लिए 18 साल ता 30 साल उम्र के अफ़राद अहल हैं, फ़्री ट्रेनिंग है। औक़ात की पाबंदी लाज़िमी है। क़लब शहर रूबरू असेंबली में इस का मर्कज़ क़ायम है बल्कि उम्मीदवारों को फ़्री यूनीफार्मस और फ़्री ग़िज़ा फ़राहम की जाती है।

माइनॉरिटी उम्मीदवार उस के लिए रुजू हो कर दाख़िला हासिल करें। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ये रोज़गार से मरबूत ट्रेनिंग है, ट्रेनिंग की तकमील पर रोज़गार की फ़राहमी की सहूलत भी है।

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