Tuesday , October 24 2017
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तारीख़ी गांधी मैदान की अवाम केलिए बाज़ कुशादगी

पटना के गांधी मैदान में जहां गुजिश्ता हफ़्ता नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान बम धमाके हुए थे और जिसे अवाम केलिए बंद कर दिया गया था लेकिन अब एक हफ़्ता बाद उसे दुबारा अवाम केलिए खोल दिया गया है।

पटना के गांधी मैदान में जहां गुजिश्ता हफ़्ता नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान बम धमाके हुए थे और जिसे अवाम केलिए बंद कर दिया गया था लेकिन अब एक हफ़्ता बाद उसे दुबारा अवाम केलिए खोल दिया गया है।

पटना डिस्ट्रिक मजिस्ट्रेट एन श्रावण कुमार ने कहा कि गांधी मैदान जिसे धमाको अशिया और मादों की जांच पड़ताल के लिए मुहरबनद कर दिया गया था, एक हफ़्ता के बाद उसे दुबारा खोल दिया गया। 27 अक्टूबर को धमाका हुआ था। उसके बाद 28 अक्टूबर के इलावा दीगर ऐयाम में भी गांधी मैदान की मुकम्मल जांच पड़ताल की गई ताकि ये मालूम किया जा सके कि आया वहां कोई और धमाको माद्दा रखा गया है या नहीं।

इस अहम काम केलिए गांधी मैदान को अवाम के लिए बंद करदेना ज़रूरी था। एक हफ़्ता बाद पुलिस और नीम फ़ौजी दस्ते सी आर पी एफ़ की इजाज़त के बाद उसे दुबारा अवाम केलिए खोल दिया गया। डिस्ट्रिक मजिस्ट्रेट ने कहा कि अवाम के लिए मैदान को दुबारा खोले जाने के बावजूद भी सेक्योरिटी फोर्सेस यहां मौजूद रहेगी ताकि किसी नाख़ुशगवार वाक़िया ना होसके।

हुंकार रैली के दौरान 27 अक्टूबर को पाँच कम शिद्दत के बम धमाकों के बाद मज़ीद पाँच बम वहां से ज़ब्त किए गए थे जो फट नहीं सके थे। गांधी मैदान तारीख़ी नौईयत का हामिल है जहां सुभाष चन्द्र बोस, जय प्रकाश नारायण और बानी पाकिस्तान मुहम्मद अली जिन्नाह भी अवामी जलसा से ख़िताब करचुके हैं।

गांधी मैदान को बांकी पूर मैदान के नाम से जाना जाता था लेकिन गांधी जी के क़त्ल के बाद इस तारीख़ी मैदान को गांधी मैदान से मौसूम किया गया। मुहम्मद अली जिन्नाह ने 1938 में, सुभाष चन्द्र बोस ने 1939 और लोक नाय‌क जय प्रकाश नारायण ने 1974 में यहां अहम अवामी जलसों से ख़िताब किया था।

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