Tuesday , May 30 2017
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तारेक़ फ़तह और ज़ी न्यूज़ देश में दंगा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं

एक खुला खत “सुचना एवं प्रसारण मंत्रालय” के नाम

सेवा में,
आदरणीय सचिव
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार

विषय : मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए जी न्यूज को प्रतिबंधित किया जाए।

महाशय,
वैसे तो भारतीय मिडिया हमेशा इसलाम और मुसलमानों के विरुद्ध बातें प्रकाशित और प्रचारित करता रहता है। जिसमें इसलाम और मुसलमान के विरुद्ध ग़लत सूचनाएं उपलब्ध कराना या इसलाम से सम्बंधित ग़लत सलत उद्वरण देना अब आम बात हो गई है,
और इन सब में सबसे आगे जी न्यूज दिख रहा है , जो तारेक फतह जैसे व्यक्ति जिसको इस्लाम की कोई जानकारी नहीं उसे इस्लाम का प्रतिनिधित्व देकर अपने चैनल पर बुलाता है और फतेह का फतवा नामक एपिसोड चलाता है, जिसमें तारेक फतह इस्लाम और इस्लामी तवारीख-ओ-संस्कार का दुरुपयोग कुटिल तरीके से बहुत बारीकी से आधा सच और आधा झूठ के साथ इस्लाम और कुरान का प्रयोग करके बहुत बारीकी से तथ्यों को ट्विस्ट करके गलत अनुवाद और फर्जी इस्लाम विरोधी वेबसाइटों का रिफरेन्स देकर मटेरियल को प्रमाणित बनाता हुआ दिखा, उसने इस्लाम और उसकी परम्परा और मान्यताओं को प्रस्तुत करते हुए जो भी चैनल पर कहा है वो दरअसल हकीकत से बिल्कुल विपरीत है। इनका इस्लाम और इस्लामी तवारीख से कोई संबंध नहीं है।

तारेक फतह केवल मुसलमानों के लिए ही नहीं देश के लिए भी हानिकारक है , यह व्यक्ति अपने ही देश में 1960 और 1970 में जेल जा चुका है, सन् 1977 में इसको इसी के देश ने देशद्रोही घोषित किया था, फिर इसने सऊदी अरब में 10 साल तक पनाह ली, उसके बाद कनाडा में बस गया, आज यह भारत में यह कहकर अपना पर पसार रहा है कि मैं इंडियन हूँ गलती से पकिस्तान में पैदा हो गया, मैं पंजाबी हूँ गलती से मुस्लिम के घर पैदा हो गया, इस व्यक्ति ने पाकिस्तान छोड़ते ही पाकिस्तान को गाली दिया, सऊदी छोड़ते ही सऊदी को गाली दिया, आश्चर्य नहीं होगा अगर ये कनाडा को भी गालियाँ दे, यह व्यक्ति भारतीय नागरिकता पाने के लिए भारत में साम्प्रदायिक माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है, अगर इन्हें भारत में नागरिकता नही मिली तो क्या गारंटी है कि यह भारत को बुरा-भला नहीं कहेगा, क्योंकि यह वही व्यक्ति है जिसने भारत को 100 टुकड़े में बाटने की बात कही थी।
क्या जी न्यूज चैनल के लिए भारत का 100 टुकड़े होना मुसलमानों से नफरत के आगे कुछ नहीं। जो उसने एक ऐसे व्यक्ति को अपने चैनल पर बुलाया जो एक देश का देशद्रोही है , जो अपने देश का नहीं वह हमारे देश का क्या होगा ?

जी न्यूज ने तारेक फतह के साथ मिलकर “फ़तेह का फ़तवा” प्रोग्राम द्वारा भारतीय मुसलमानों के धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, अगर जी न्यूज पर ऐसे कार्यक्रम प्रसारित होते रहे तो भारत में उन्माद और संप्रदेयिक्ता फ़ैलने की संभावना है। कृपया जी न्यूज चैनल को मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के कारण प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।
हमने देखा है कि कैसे धार्मिक उन्माद के नाम पर PEACE TV और AL-ZAZEERA जैसे चैनलों को सरकार द्वारा प्रतिबंधित किया गया था , यही नहीं धार्मिक उन्माद को लेकर कई बङी फिल्मों के रिलीज पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया, जिनमें सन्नी देवोल की फिल्म “मोहल्ला अस्सी” , सलमान और सन्नी की फिल्म “कसाई” , 2002 के गुजरात हिंसा पर बनी फिल्म “परजानियाँ” और उसी हिंसा पर बनी एक फिल्म “फिराक” , इसके अलावा 1993 के बंबई धमाकों पर बनी अनुराग कश्यप की फिल्म ‘ब्लैक फ्राइडे’ को भी कई राज्यों में बैन किया गया था।
ठीक इसी प्रकार ज़ी न्यूज़ पर भी प्रतिबंध लगनी चाहिए, क्योंकि जी न्यूज ने तारेक फतह के साथ मिलकर जो कार्यक्रम प्रसारित किया है उससे भारत के अल्पसंख्यकों और बहुसंख्यकों के बीच खाई और बढ़ेगी और शायद यही एक दिन सांप्रदायिक हिंसा का कारण भी बन सकता है, इसलिए ऐसे कार्यक्रमों द्वारा जो नफरत का गन्दा खेल खेला जा रहा है इसे नजरअंदाज करना हम देशवासियों के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है।

अंत में : इस्लाम में फतवा जारी करने का अधिकार मुफ्तियों को है जिनको इस्लाम में एक आला दर्जा प्राप्त है, तो किस अधिकार से जी न्यूज ने एक ऐसे व्यक्ति को मुफ्ती बनाकर पेश किया जिसे इस्लाम के अरकान तक शायद ही पता हो, कल को कोई भी व्यक्ति इस्लाम और उसके कवानीन को पेश करने के लिए न्युज चैनलों पर बैठ कर फतवा देने लगेंगे तो साम्प्रदायिकता बढेगी या कम होगी, इसलिए आपसे गुजारिश है कि जी न्यूज चैनल के खिलाफ फौरन कार्यवाही करते हुए उसे प्रतिबंधित किया जाए । धन्यवाद

एक भारतीय मुसलमान
अशरफ हुसैन

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