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तालीमी मयार को बेहतर बनाने के लिए बी एड कोर्स में तौसीअ

मर्कज़ी हुकूमत की तरफ से तालीमी निज़ाम को बेहतर बनाने और मयारी तालीम की फ़राहमी के लिए बैचलर आफ़ एजूकेशन (बी ऐड) कोर्स को चार साल पर मुश्तमिल ग्रेजुएशन कोर्स बनाने का मंसूबा तैयार किया जा चुका है।

मर्कज़ी हुकूमत की तरफ से तालीमी निज़ाम को बेहतर बनाने और मयारी तालीम की फ़राहमी के लिए बैचलर आफ़ एजूकेशन (बी ऐड) कोर्स को चार साल पर मुश्तमिल ग्रेजुएशन कोर्स बनाने का मंसूबा तैयार किया जा चुका है।

इमकान हैके साल 2015-16 से इस पर अमल आवरी यक़ीनी बनाए जाएगी। सदर नशीन कौंसिल बराए आला तालीम आंध्र प्रदेश डॉ वीनूगोपाल ने सिंगल विंडो II बी एड कौंसलिंग की इफ़्तेताही तक़रीब से ख़िताब के दौरान ये बात बताई।

उन्होंने बताया कि हुकूमत ने असातिज़ा के मयार को बेहतर बनाने के लिए ये मंसूबा तैयार किया है। इस मंसूबे के मुताबिक़ मुम्किन हैके चार साला बी एड कोर्स रोशनास करवाया जाये और आइन्दा बरस से बी एड करने वाले ख्वाहिशमंदों को चार बरस का मुकम्मिल कोर्स करना पड़ेगा।

उन्होंने बताया कि वर्मा कमेटी सिफ़ारिशात के पेशे नज़र हुकूमत ने ये मंसूबा तैयार किया है जिस के तहत बी एड में दाख़िले के लिए इंटरमीडीएट के बाद मौक़ा फ़राहम किया जाएगा और मुकम्मिल कोर्स चार साल का होगा। उन्होंने इस मौके पर मौजूद तलबा-ओ-तालिबात से ख़िताब के दौरान कहा कि बी एड की तालीम के हुसूल के बाद उन पर आइन्दा नसल की तैयारी की ज़िम्मेदारी आइद होती है।

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