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तालीम और अख़लाक़-ओ-किरदार ज़िंदगी में इंकलाब के अहम अंसर

सदर तौर बीत उलमाल-ओ-सेनएर ऐडवोकेट जनाब शमस अलुद्दीन आज़मी ऐडवोकेट ने सरज़मीन जोगी पेट से जन्म लेते हुए अपनी ख़िदमात से आसमान पर सितारों की तरह जगमगाने वाले सपूतों को मुबारकबाद देते हुए उन्हें ख़राज तहसीन पेश किया ।

सदर तौर बीत उलमाल-ओ-सेनएर ऐडवोकेट जनाब शमस अलुद्दीन आज़मी ऐडवोकेट ने सरज़मीन जोगी पेट से जन्म लेते हुए अपनी ख़िदमात से आसमान पर सितारों की तरह जगमगाने वाले सपूतों को मुबारकबाद देते हुए उन्हें ख़राज तहसीन पेश किया ।

नौजवान नस्ल को अपने अख़लाक़-ओ-किरदार से दुनिया को फ़तह कर लेने का मश्वरा दिया । मुस्लिम माय्नारिटी जोगी पेट की जानिब से 25 मार्च को बहादुर ख़ान फंक्शन हाल जोगी पेट में जलसा तहनियत-ओ-एतराफ़ात ख़िदमात पर अपने मुस्लिम दानिश्वरों जोगी पेट की तक़रीब में बहैसियत मेहमान ख़ुसूसी ख़िताब करते हुए इन ख़्यालात का इज़हार किया।

दीगर मेहमानों में सेनएर सियोल जज हैदराबाद जनाब मुहम्मद बंदे अली सीनीयर ऐडवोकेट मुहम्मद अनवर अली उद्दीन नौ मुंतखिब रुकन आंधरा प्रदेश बार कौंसल मिस्टर ज़ाकिर हुसैन जावेद डाक्टर मसऊद हुसैन डायरेक्टर सर रवाल्ड इंस्टीट्यूट जनाब मुहम्मद अख़तर अली (ताजिर ) जनाब फ़ाज़िल हुसैन परवेज़ ( एडीटर गवाह ) ने शिरकत की ।

जनाब शम्स अली उद्दीन आज़मी ने कहा कि तालीम ही तक़दीर बदलती है । मुख़्तलिफ़ शोबा हयात में नुमायां ख़िदमात अंजाम देने वाली शख्सियतों को जो आज तहनियत पेश की जा रही है वो इस का सुबूत है । ज़िंदगी में कामयाबी की कलीद कामयाब मंसूबा बंदी होती है । सिर्फ मंसूबा बंदी नाकाफ़ी है ।

यक़ीन इस्तेहकाम और अमल आवरी ऐसी बुनियादें हैं जो ऊंची और पोख़्ता इमारात की ज़मानत होती हैं । सबसे पहले मुस्लमानों को आपसी इत्तेहाद का मुज़ाहरा करना चाहीए । आला तालीम हासिल करने से ही पसमांदगी दूर होती है । जनाब मुहम्मद सरदार जमील और जनाब मुहम्मद अली मरहोमेन ने जोगी पेट में मुस्लमानों की तरक़्क़ी और बहबूद केलिए जो भी ख़िदमात अंजाम दी है वो नाक़ाबिल फ़रामोश है ।

अब नौजवानों पर ज़िम्मेदारी आइद है कि-ओ-क़ौमी की तरक़्क़ी-ओ-ख़ुशहाली के लिए अपनी ख़िदमात अंजाम दें वो 60 साल क़बल जोगी पेट छोड़कर हैदराबाद में मुक़ीम हैं । मगर आज तक जोगी पेट से जुदा नहीं हुए हैं । सीनीयर सियोल जज जनाब मुहम्मद बंदे अली ने कहा कि इस तक़रीब में पहुँचकर उन्हें काफ़ी मुसर्रत हो रही है ।

ये तक़रीब जहां ज़िंदगी में कुछ हासिल करने वालों के लिए एज़ाज़ है तो वहीं नौजवान नस्ल के लिए मशाल राह है । हमारी ख़ाहिश यही है कि हमारी नौजवान नस्ल हम से ज़्यादा तरक़्क़ी करें और समाज-ओ-दुनिया में जोगी पेट का नाम रोशन करें । एडीटर गवाह जनाब फ़ाज़िल हुसैन परवेज़ ने कहा कि तकरीबन 30 साल बाद जोगी पेट पहुँचकर ज़माना-ए-तालिब इल्मी याद आ गया जहां उन्हें तालीमी मैदान में पहला इनाम मिला था और जोगी पेट के तालीमी माहौल ने उनकी ज़िंदगी में जो इंकलाब लाया है ।

इसका नतीजा है कि वो बहैसियत एडीटर गवाह अपनी ख़िदमात अंजाम दे रहे हैं । क़ौम के सुलगते हुए मसाएल मिली इतेहाद और दूसरे मसाइल पर क़लम उठा रहे हैं । जोगी पेट से कई हस्तियों ने रियासत और क़ौमी सतह पर अपनी अहमियत को उजागर किया है । लेकिन उन्हें अफ़सोस भी है कि उन्हें वो कई चेहरे नज़र नहीं आ रहे हैं ।

जिनकी ज़िंदगी वो अमली नमूना बना चुके हैं ।ख़ुशी भी है कि नौजवान नस्ल ज़िंदगी के हर शोबा में अपने जौहर दिखा रही है । रुकन आंधरा प्रदेश बार कौंसल जनाब ज़ाकिर हुसैन जावेद जिन्हें तहनियत पेश करने के लिए तक़रीब का एहतेमाम किया गया था । अपने खेताब में कहा कि उन्हें होगी पेट में जन्म लेने पर फ़ख़र है वो ज़माना-ए-तालिब इल्मी से क़ौमी ख़िदमात का जज़बा रखते थे और दो मर्तबा जोगी पेट डिग्री कालेज के इंतेख़ाब में जनरल सेक्रेटरी मुंतखिब हो चुके थे।
कांग्रेस की तलबा-ए-तंज़ीम एन एस यू आई और यूथ कांग्रेस में मुख़्तलिफ़ ओहदों पर ख़िदमात अंजाम दे चुके थे । पेशा वकालत से वाबस्ता होने के बाद भी अपनी ख़िदमात को जारी रखे हुए हैं । जनाब शमस अलुद्दीन आज़मी सेनएर एडवोकेट मुहम्मद इक़बाल अली ज़फ़र एडवोकेट मिर्ज़ा सलमान बेग एडवोकेट के अलावा दूसरे वुकला ने उन्हें बार कौंसल के इलेक्शन में कामयाब बनाने में अहम
रोल अदा किया है। वो आंधरा प्रदेश बार कौंसल के 25 अरकान में वाहिद मुस्लिम रुकन हैं बार कौंसल की तारीख में इलाक़ा तेलंगाना से बार कौंसल केलिए मुंतख़ब होने वाले पहले मुस्लिम रुकन हैं ।

इससे क़ब्ल इलाक़ा आंधरा और इलाक़ा रायल सीमा से एक एक मुस्लिम बार कौंसल के लिए मुंतखिब हो चुके थे । पेशा वकालत से ताल्लुक़ ना रखने के बावजूद डाक्टर मुहम्मद सलीम लेक़्चरार निज़ामीया तिब्बी कॉलिज ने भी इलेक्शन में कामयाबी केलिए मुफीद मश्वरे दिए हैं । अख़तर अली ताजिर ने मुस्लिम नौजवानों को दुनियावी मुआमलत के साथ दीनी मुआमलात में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने अपने वालदैन के साथ क़ौम का सर फ़ख़र से बुलंद करने का मश्वरा दिया ।

सदर मुस्लिम वेलफ़ेर कमेटी जनाब अर्फ़ात मुही अली उद्दीन ने कहा कि सरज़मीन जोगी पेट ने कई अज़ीम हस्तियों को जन्म दिया है । जिस पर हमें फ़ख़र है । अल्हाज शम्स अली उद्दीन आज़मी एडवोकेट , जनाब मुहम्मद सरदार जमील ( मरहूम ) जनाब मुहम्मद अली मुदर्रिस ( मरहूम ) के इलावा हमारे सीनीयर्स और जो सीनीयर्स ने ज़िंदगी के तमाम शोबों में जो ख़िदमात अंजाम दी है वो नाक़ाबिल फ़रामोश है ।

उन्हें तहनियत पेश करते हुए भी मुस्लिम वेलफ़ेयर कमेटी को फ़ख़र महसूस हो रहा है । जनाब ज़ैद एच जावेद ने आंधरा प्रदेश बार कौंसल के लिए मुंतखिब होते हुए एक नई तारीख बनाई । जनाब मुहम्मद अनवर अली उद्दीन एडवोकेट ने भी अपनी तक़रीर में जोगी पेट की नई नस्ल को आगे बढ़कर हर शोबा में पाए जाने वाली मुस्लिम नुमाइंदगी के खिला को पूरा करने का मश्वरा दिया ।

रीटायर्ड मास्टर जनाब मुहम्मद इस्मील ने जोगी पेट की तारीख मुस्लमानों की तरक़्क़ी-ओ-जद्द-ओ-जहद के बारे में रोशनी डाली । जनाब मुहम्मद इक़बाल अली ज़फ़र एडवोकेट ने तहनती तक़रीब-ओ-जलसा एतराफ़ात-ओ-ख़िदमात की अहमियत-ओ-अफादियत पर रोशनी डालते हुए इस सिलसिले को मुस्तक़बिल में भी जारी रखने का ऐलान किया ।

डाक्टर मुहम्मद सलीम लेक्चरार निज़ामीया तिब्बी कालेज ने जोगी पेट के मुस्लिम शख्सियतों की तरक़्क़ी और ख़िदमात को नौजवान नसल के लिए मशाल राह क़रार देते हुए नई नस्ल को इस को मिशाल राह बनाते हुए अपनी ज़िंदगी को संवारने का मश्वरा दिया और तक़रीब की निज़ामत के फ़राइज़ अंजाम दिए ।जनाब मिर्ज़ा सुलेमान बेग ऐडवोकेट ने मौजूदा हालत का अहाता करते हुए नौजवानों को मुस्तक़बिल की हिक्मत-ए-अमली र्तैयार करने का मश्वरा दिया ।

और इज़हार-ए-तशक्कुर किया । इस तक़रीब में शोबा-ए-सहाफ़त में नुमायां ख़िदमात अंजाम देने वाले स्टाफ़ रिपोर्टर रोज़नामा सियासत जनाब मुहम्मद नियम वजाहत, नुमाइंदा सियासत जोगी पेट जनाब अरशद मुही अलुद्दीन, जनाब फ़ारूक़ हुसैन नुमाइंदा सियासत ( मेदक ) को तहनियत पेश की गई ।

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