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तीस्ता सीतलवाद के ख़िलाफ़ तहक़ीक़ात हक़बजानिब

नई दिल्ली २१ नवंबर (पी टी आई) नरेंद्र मोदी हुकूमत ने सुप्रीम कोर्ट के सामने समाजी कारकुन तीस्ता सीतलवाद के ख़िलाफ़ जारी तहक़ीक़ात को हक़बजानिब क़रार दिया।

नई दिल्ली २१ नवंबर (पी टी आई) नरेंद्र मोदी हुकूमत ने सुप्रीम कोर्ट के सामने समाजी कारकुन तीस्ता सीतलवाद के ख़िलाफ़ जारी तहक़ीक़ात को हक़बजानिब क़रार दिया।

हुकूमत ने कहा कि गुजरात के 2002-ए-के फ़िर्कावाराना फ़सादाद में हलाक होने वालों की नाशों को खोद कर क़ब्रों से निकालने का अमल मुबय्यना तौर पर गै़रक़ानूनी था।

हुकूमत ने कहा कि दरअसल तीस्ता सीतलवाद ने मंसूबा बनाया था कि 2006-ए-में इजाज़त के बगै़र क़ब्रों को खोदा जाई। सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल करदा हलफ़नामा में हुकूमत गुजरात ने दावा किया है कि तहक़ीक़ात के दौरान पता चला है कि मुल्ज़िमा के बिशमोल उन के एक क़रीबी साथी राय ख़ान पठान और एक आज़ाद गवाह ने मिल कर क़ब्रों को खुदवाने का फ़ैसला किया था और उन्हों ने अपने अमला के ज़रीया पिंदर वाड़ा के क़रीब क़ब्रों की खुदवाई करवाई थी।

रियास्ती हुकूमत 29 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट की जानिब से जारी करदा नोटिस का जवाब दे रही थी। अदालत ने इस दिन केस में तीस्ता सीतलवाद के ख़िलाफ़ फ़ौजदारी कार्रवाई पर हुक्म अलतवा जारी किया था।

हुकूमत ने कहा कि दीगर मुल्ज़िमीन ने अपनी बेगुनाही का इद्दिआ किया है और सीतलवाद पर इल्ज़ाम आइद किया है कि उन्हों ने ही उन्हें क़ब्रों की खुदाई के लिए उकसाया था। इन का ये अमल मुख़्तलिफ़ जराइम के लिए साज़िश करने के क़वानीन के तहत आता है।

क़बल अज़ वक़्त इजाज़त के बगै़र नाशों को क़ब्र से खोदकर निकालना ताअज़ीरात-ए-हिंद के मुख़्तलिफ़ दफ़आत के तहत जुर्म है। तीस्ता सीतलवाद ने दावा किया था कि महलोकीन के रिश्तेदारों ने जारोब कश से सुना था कि बाअज़ नाशें ज़रई अराज़ी में दफ़न की गई हैं।

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