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तेजबहादुर मामले के बाद 60 प्रतिशत लोगों ने BSF ज्वॉइन करने से इंकार किया

सेना की परीक्षा पास करने के बावजूद पद को न ज्वॉइन करने का एक चौकाने वाला रिपोर्ट सामने आया है। एक खबर के मुताबिक, बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के लिए गए 60 प्रतिशत लोगों ने इसे ज्वॉइन करने से मना कर दिया है। माना जा रहा है कि यह बीएसफ जवान तेजबहादुर यादव के सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए उस वीडियो के चलते भी हुआ जिसमें उन्होंने सेना में होने बदइंतजामी और शोषण पर सवाल उठाया था।

इंडियन एक्सप्रेस अखबार के अनुसार, साल 2015 में हुई यूपीएसी की परीक्षा में कुल 28 लोग सिलेक्ट हुए थे और उन्हें 2017 में बीएसएफ में एसिसटेंट कमांडेंट की पोस्ट पर ज्वॉइन करना था। लेकिन उन 28 लोगों में से 16 लोगों ने बीएसएफ ज्वाइन करने मना कर दिया।

अखबार ने लिखा है कि जब उसने सिलेक्ट हुए कुछ लोगों से बात की तो उनमें से कुछ ने कहा कि उनकी पहली च्वॉइस बीएसएफ नहीं थी इसलिए वे आगे की पढ़ाई कर सीआईएसएफ ज्वॉइन करना चाहते हैं। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि उनका आईएएस बनना लक्ष्य है। लेकिन कुछ का कहना है कि चुंकि सीआईएसएफ की पोस्टिंग शहरों में होती है और वैसे भी बीएसएफ तरक्की में रोड़े अटकाए जाते हैं।

बीएसफ के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि बीएसएफ, सीआरपीएफ और आईटीबीपी में बेहद कठिन जगहों पर पोस्टिंग होती है इसलिए लोग इसमें आने से कतराते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग इसमें आने के लिए मानसिक तौर पर तैयार नहीं हैं उनको ज्वॉइन नहीं करना चाहिए।

बता दें कि साल 2016 में कुल 31 लोग परीक्षा में सिलेक्ट हुए थे जिसमें से 17 ने ही ट्रेनिंग ली थी। वहीं साल 2013 में हुए परीक्षा में कुल 110 सिलेक्ट हुए थे लेकिन उनमें 69 ट्रेनिंग के लिए सिलेक्ट हुए जिनमें से 15 ने ट्रेनिंग छोड़कर चले गए।

गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार बीएसएफ में राजपत्रित अधिकारियों की कुल 5,309 पोस्ट हैं जिनमें से 522 खाली हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों में हालात ऐसे बने हैं कि लोग सेना में बीएसएफ में आने से कतरा रहे हैं।

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