Monday , October 23 2017
Home / Hyderabad News / तेलंगाना कांग्रेस क़ाइदीन एफ डी आई पर राय दही में हिस्सा ना लें

तेलंगाना कांग्रेस क़ाइदीन एफ डी आई पर राय दही में हिस्सा ना लें

तेलंगाना राष़्ट्रा समीती ने कांग्रेस के तेलंगाना अरकान-ए-पार्लियामेंट से मुतालिबा किया कि वो अलहिदा तेलंगाना मसला पर अपनी संजीदगी को साबित करने के लिए पार्लियामेंट में एफ डी आई मसला पर राय दही में हिस्सा ना लें। रुक्न असेंबली

तेलंगाना राष़्ट्रा समीती ने कांग्रेस के तेलंगाना अरकान-ए-पार्लियामेंट से मुतालिबा किया कि वो अलहिदा तेलंगाना मसला पर अपनी संजीदगी को साबित करने के लिए पार्लियामेंट में एफ डी आई मसला पर राय दही में हिस्सा ना लें। रुक्न असेंबली हरीश राव ने कहा कि तेलंगाना से ताल्लुक़ रखने वाले अरकान-ए-पार्लियामेंट वज़ीर-ए-दाख़िला सुशील कुमार शिंदे की जानिब से तलब कर्दा इजलास में अदम शिरकत के ज़रीया ये साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्हें तेलंगाना अवाम के जज़बात अज़ीज़ हैं और वो तेलंगाना के हुसूल के लिए पार्टी विहिप की ख़िलाफ़वरज़ी कर सकते हैं।

हरीश राव ने कहा कि अरकान-ए-पार्लियामेंट को अपने इस मौक़िफ़ पर क़ायम रहना चाहीए। चन्द्र शेखर राव ने अपनी ग़ैर मुअय्यना मुद्दत की भूक हड़ताल के ज़रीया अपनी ज़िंदगी को ख़तरा में डाल दिया था लेकिन उन्हों ने मर्कज़ से कोई समझौता नहीं किया। हरीश राव ने सदर तेलुगू देशम चंद्रा बाबू नायडू पर इल्ज़ाम आइद किया कि वो तेलंगाना में अपने क़दम जमाने के लिए अलहिदा तेलंगाना मसला पर हमदर्दी का इज़हार कर रहे हैं हालाँकि 9 दिसंबर 2009 को मर्कज़ की जानिब से तेलंगाना के हक़ में ऐलान के बाद अगर चंद्रा बाबू नायडू उस की मुख़ालिफ़त ना करते तो आज अलहिदा तेलंगाना रियासत का वजूद होता।

उन्हों ने कहा कि तेलंगाना के क़ाइदीन सीमा आंधरा क़ाइदीन के हाथों बिक चुके हैं जिस के बाइस तेलंगाना तशकील में ताख़ीर हो रही है। उन्हों ने जगन मोहन रेड्डी को मुख़ालिफ़ तेलंगाना क़रार दिया और कहा कि राज शेखर रेड्डी और जगन मोहन रेड्डी दोनों भी तेलंगाना की तशकील के ख़िलाफ़ हैं। पार्लियामेंट में जगन ने तेलुगू देशम अरकान-ए-पार्लियामेंट के साथ मिल कर तेलंगाना की मुख़ालिफ़त में एहतिजाज किया था। हरीश राव ने कहा कि चंद्रा बाबू नायडू और शर्मीला की पदयात्रा का मक़सद रियासत में इक़तिदार का हुसूल है लेकिन इस पदयात्रा से उन्हें कोई फ़ायदा नहीं पहुंचेगा। तेलंगाना में जगह जगह इन क़ाइदीन को अवामी नाराज़गी का सामना करना पड़ रहा है।

TOPPOPULARRECENT