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तेलंगाना की मौजूदा यू पी ए मीआद में ही तश्कील यक़ीनी

वज़ीर ए दाख़िला सुशील कुमार शिंदे ने पार्लियामेंट के सरमाई सेशन के दौरान अलैहदा तेलंगाना के क़ियाम पर किसी बिल की पेशकशी के बारे में वाजेह जवाब देने से गुरेज़ किया लेकिन कहा कि मौजूदा यू पी ए हुकूमत की इस मीआद में ( अलैहदा तेलंगाना के

वज़ीर ए दाख़िला सुशील कुमार शिंदे ने पार्लियामेंट के सरमाई सेशन के दौरान अलैहदा तेलंगाना के क़ियाम पर किसी बिल की पेशकशी के बारे में वाजेह जवाब देने से गुरेज़ किया लेकिन कहा कि मौजूदा यू पी ए हुकूमत की इस मीआद में ( अलैहदा तेलंगाना के क़ियाम का ) अमल मुकम्मल कर लिया जाएगा ।

शिंदे ने यहां अपनी माहाना प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि मैं आप से कह सकता हूँ कि ( अलैहदा तेलंगाना के क़ियाम का अमल ) 2014 तक जारी इस हुकूमत की मौजूदा मीआद में मुकम्मल कर लिया जाएगा । वज़ीर ए दाख़िला ने कहा कि उन्होंने आबी वसाइल , तवानाई , फायनेंस , देही तरक्कियात और फ़रोग़ इंसानी वसाएल की मरकज़ी वज़ारतों से मुलाक़ात की है ताकि आंधरा प्रदेश की तक़सीम के ज़रीया अलैहदा तेलंगाना के क़ियाम की सूरत में असासों की तक़सीम के मसाएल की यकसूई की जा सके।

इस सवाल पर कि आया हैदराबाद में अमन-ओ-क़ानून की मिशनरी और पुलिस को एक मख़सूस मुद्दत तक मर्कज़ी हुकूमत के ज़ेर कंट्रोल रखने की कोई तजवीज़ है । शिंदे ने जवाब दिया कि ऐसी एक तजवीज़ ज़ेर ए गौर है लेकिन कोई क़तई फैसला नहीं किया गया है। आंधरा प्रदेश की तक़सीम के मुख़्तलिफ़ मसाएल का जायज़ा लेने के लिए तशकील शूदा मर्कज़ी वुज़रा के ग्रुप ने 12 और 13 नवंबर को इस रियासत के आठ सियासी जमातों से बात चीत करने का फैसला किया है ।

तेलंगाना के क़ियाम के मुख़्तलिफ़ मसाएल पर मज़ीद ग़ौर के लिए आंधरा प्रदेश से ताल्लुक़ रखने वाले मर्कज़ी वुज़रा से ये ग्रुप 18 नवंबर को बात चीत करेगा । दीगर मसाएल पर इज़हार ए ख़्याल करते हुए शिंदे ने कहा कि 27 अक्तूबर को पटना के गांधी मैदान पर गुजरात के चीफ मिनिस्टर नरेंद्र मोदी के जल्सा-ए-आम के मौक़ा पर हुए सिरीयल ब्लास्ट की तहकीकात में हिंदुस्तान के पड़ोसी मुल्कों से किसी राबिता का इन्किशाफ़ नहीं हुआ ।

शिंदे ने कहा कि उन की वज़ारत ने चीन से मुतस्सिल अपनी सरहद से हिंद तिब्बती बॉर्डर पुलिस ( आई टी बी पी ) नीम फ़ौजी दस्तों को हटा लेने का कोई फैसला नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि बंगलादेश जैसे पड़ोसी मुल्कों से गैरकानूनी नक़ल मुक़ाम को रोकने के लिए हुकूमत की जानिब से सरहदी हिसारबंदी की जा रही है।

शिंदे ने गोवा के चीफ मिनिस्टर मनोहर पारेकर की इस हालिया तन्क़ीद को मुस्तरद कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि इन ( शिंदे ) की वज़ारत इस साहिली रियासत में आई पी एस के मख़लवा ओहदों को पार करने में मदद नहीं कर रही है । शिंदे ने कहा कि किसी भी रियासत में अमन-ओ-क़ानून की सूरत-ए-हाल सिर्फ़ आई पी एस ओहदेदार ही नहीं सँभालते बल्कि मुक़ामी पुलिस ही सँभालती है । शिंदे ने कहा कि में भी महाराष्ट्र जैसी बड़ी रियासत का चीफ मिनिस्टर रह चुका हूँ लेकिन अगर एक या दो आई पी एस ऑफीसर नहीं होते तो ऐसी बात नहीं होती कि अमन-ओ-क़ानून पर कंट्रोल नहीं किया जा सकता।

हुकूमत ने बी जे पी की इस तन्क़ीद को आज मुस्तरद कर दिया जिस में इल्ज़ाम आइद किया गया था कि कश्मीरी अलैहदगी पसंदों को हिंदुस्तानी सरज़मीन पर पाकिस्तानी वज़ीर-ए-आज़म नवाज़ शरीफ़ के मुशीर ख़ारिजी उमूर सरताज अज़ीज़ से मुलाक़ात की इजाज़त देते हुए एक फ़ाश सिफ़ारती ग़लती की है उन्होंने कहा कि एन डी ए दौर-ए-हकूमत से ही कश्मीरी अलैहदगी पसंद पाकिस्तानी क़ाइदीन से मुलाक़ातें कर रहे हैं।

वज़ीर ए दाख़िला सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि ये सिलसिला उस वक़्त से जारी है जब अटल बिहारी वाजपाई वज़ीर-ए-आज़म थे । शिंदे ने आज ख़ुद को मर्कज़ी वज़ीर फायनेंस के इस बयान से दूर कर लिया जिस उन्होंने (चिदम़्बरम ) कहा था कि बी जे पी में वज़ीर ए आज़म के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी , कांग्रेस के लिए चैलेंज हैं। चिदम़्बरम के इस बयान के बारे में एक सवाल पर शिंदे ने जवाब दिया कि नरेंद्र मोदी कांग्रेस के लिए कोई चैलेंज नहीं हैं।

वज़ीर ए दाख़िला ने कहा कि बी जे पी में वज़ीर ए आज़म के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को लाहक़ ख़तरात मल्हूज़ रखते हुए मज़ीद सेक्युरिटी फ़राहम की गई है एन एस जी के मज़ीद कमांडोज़ तैनात किए गए हैं लेकिन उन्हें एस पी जी फ़राहम नहीं की जा सकती ।

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