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तेलंगाना में बजट तख़मीना ग़ैर हक़ीक़त: सीएजी

हैदराबाद 31 मार्च: रियासत तेलंगाना के लिए साल 2014-15के बजट तख़मीने ग़ैर हक़ीक़त पसंदाना थे रीवेन्यू ख़सारा अपनी हद में पाया गया। सीएजी की तेलंगाना असेंबली में पेश करदा रिपोर्ट में ये इन्किशाफ़ किया गया। कहा गया है कि माली इंतेज़ाम-ओ-इंसिराम हौसलाअफ़्ज़ा नहीं रहा जिसका एक सबूत ये है कि 304 करोड़ रुपये की रक़म असेंबली की मतलूबा इजाज़त हासिल किए बग़ैर ख़र्च की गई। इसी तरह 2555 करोड़ रुपये की रक़म भी यूँही मुख़तस की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि बाज़ मह्कमाजात में तख़सीस और मसारिफ़ के बीच काफ़ी फ़र्क़ है।

रीवेन्यू मसारिफ़ बजट तख़मीना से 36.49 फ़ीसद कम पाए गए। इसी तरह आमदनी की हुसूलयाबी भी बजट तख़मीना से 36.27 फ़ीसद कम रही। एकसाईज़ डिपार्टमेंट पर भी शराब की दुक्कानात के लिए मुक़र्ररा लाईसेंस फ़ीस बहुत कम रखने पर नुक्ता-चीनी की गई। इस के अलावा बीबीनगर में निम्स का तामीराती काम रोक देने की वजह से 80 करोड़ रुपये की रक़म ख़र्च नहीं की जा सकी। रिपोर्ट में निम्स हैदराबाद में दरकार तिब्बी सहूलयात की फ़राहमी में भी ख़ामीयों की निशानदेही की गई।

सीएजी रिपोर्ट में प्राइमरी स्कूलस में 26 फ़ीसद से ज़ाइद बच्चों की तर्क तालीम पर ब्रहमी का इज़हार किया गया। इस के अलावा मिड डे मील स्कीम के लिए मुख़तस रक़म को पूरी तरह इस्तेमाल नहीं किया गया। मी सेवा सेंटरस की कारकर्दगी का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि उसे मज़ीद बेहतर बनाने की ज़रूरत है। सियोल स्पलाईज़ डिपार्टमेंट के मुआमले में बताया गया है कि चावल का ज़ख़ीरा मुसलसिल बढ़ रहा है यहां तक कि बावक़ार कलियाना लक्ष्मी स्कीम के भी मतलूबा नताइज बरामद नहीं हुए। ग्रेटर हैदराबाद में स्लम बस्तीयों को ख़त्म करने के सिलसिले में भी ख़ामीयों की निशानदेही की गई उस के अलावा आऊटर रिंग रोड के लिए मुख़तस 705 करोड़ रुपये की रक़म जारी करने में भी ख़ामीयों का पता चलाया गया।इसी तरह वाटर ग्रिड कामों के लिए 76 करोड़ रुपये की मुख़तस रक़म ख़र्च नहीं की गई।

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