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तेलंगाना राष्ट्रीय समिति ने केजी बेसिन में मांगा हिस्सा

तेलंगाना राष्ट्रीय समिति (टीआरएस) ने कृष्णा-गोदावरी बेसिन में ऑयल एंड गैस रिसोर्सेज से मिलने वाले रेवेन्यू में हिस्से की मांग की है। इससे आंध्र प्रदेश के बंटवारे का अमल उलझ सकता है। तेलंगाना के अलैहदा रियासत के लिए तहरीक की अगुव

तेलंगाना राष्ट्रीय समिति (टीआरएस) ने कृष्णा-गोदावरी बेसिन में ऑयल एंड गैस रिसोर्सेज से मिलने वाले रेवेन्यू में हिस्से की मांग की है। इससे आंध्र प्रदेश के बंटवारे का अमल उलझ सकता है। तेलंगाना के अलैहदा रियासत के लिए तहरीक की अगुवाई करने वाली टीआरएस की इस मांग से सीमांध्र कहे जाने वाले साहिली और जुनूबी इलाके के सियासतदां भी नाराज हैं।

जुमेरात को मिनिस्टिरियल पैनल की अहम मीटिंग से पहले टीआरएस के इस कदम को आंध्र प्रदेश को तक्सीम करने के अमल में रुकावट पैदा करने के तौर पर देखा जा रहा है। सीमांध्र के सियासतदां का दावा है कि मजूज़ा तेलंगाना रियासत में कोई साहिली अफलास (Line) नहीं है। इस वजह से केजी बेसिन में एनर्जी रिसोर्सेज पर किसी भी दावे का कोई बुनियाद नहीं बनता।

रियासत के एक वज़ीर और कांग्रेस के लीडर ने कहा, ‘किसी दिगर Geographic Area से जुड़े रिसोर्सेज में हिस्से की मांग करना ठीक नहीं लगता। ऐसे दावों से तक्सीम करने का अमल पेचीदा हो सकती है और तेलगांना बनाने में देरी हो सकती है।’ टीआरएस के पोलित ब्यूरो के मेम्बर बी. विनोद कुमार का कहना है कि सीमांध्र इलाके के पास ऑफशोर केजी बेसिन में हाइड्रोकार्बन रिसोर्सेज पर कोई हक नहीं हैं।

उन्होंने कहा, ‘ये असेट्स हुकूमत ए हिंद से ताल्लुक रखते हैं और रियासत आंध्र प्रदेश के पास गैस अलोकेशंस हैं। अब हम तेलंगाना रियासत में बनने वाले नए गैस बेस्ड पावर प्रॉजेक्ट्स के लिए गैस अलोकेशंस में हिस्सेदारी की मांग कर रहे हैं।’

टीआरएस ने मुल्क की दूसरी सबसे बड़ी कोल कंपनी सिंगरेनी कोलरीज पर पूरे राइट्स की भी मांग की है। टीआरएस दारुल हुकूमत हैदराबाद में कानून और निज़ाम पर भी पूरा कंट्रोल चाहती है। ऐसी अफवाह है कि मरकज़ शहर में 10 सालों के लिए पुलिस को अपने कंटोल में रखने पर गौर कर रहा है।

हैदराबाद को लेकर अपना रवैया बदलते हुए टीआरएस ने कहा है कि सीमांध्र के लिए अपनी दारुल हुकूमत बनाने के लिए तजवीज 10 सालों के बजाय 2 साल का वक्त मुनासिब होगा।

आंध्र प्रदेश के सीनियर ब्यूरोक्रेट का मानना है कि हर रियासत के पास अपने पावर और फर्टिलाइजर प्लांट्स के लिए गैस मांगने का हक है, लेकिन केजी बेसिन में ऑइल एंड गैस रिसोर्सेज पर टीआरएस का दावा ठीक नहीं है। आंध्र प्रदेश को ऑनशोर ऑइल एंड गैस असेट्स से तकरीबन 10 फीसदी रॉयल्टी मिलती है, जबकि केजी बेसिन के ऑइल एंड गैस रिसोर्सेज समेत ऑफशोर असेट्स मरकज़ी हुकूमत के तहत आते हैं।

साहिली विजयवाड़ा से कांग्रेस के एमपी लगाडापति राजगोपाल रियासत को एकजुट रखने कि मुहिम की अगुवाई करते रहे हैं और उन्होंने टीआरएस की इस मांग को इस मुद्दे पर उसके हालात के हवाले से देखने के लिए कहा है। उनका कहना था, ‘किसी दिगर Geographic Area से जुड़े ऑफशोर ऑयल एंड गैस एसेट्स में हिस्सेदारी की मांग कर टीआरएस बिला वास्ता तौर पर तौर पर एकजुट रहने और वसाएल की हिस्सेदारी की अहमियतऔर फायदों को कुबूल कर रही है।’

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