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दमिश्क़ के क़रीब फ़िज़ाई हमले, 44 अफ़राद हलाक

कम अज़ कम 44 अफ़राद शाम के दारुल हुकूमत दमिश्क़ और मज़ाफ़ाती इलाक़ों में हलाक हो गए जबकि शामी हुकूमत की जानिब से फ़िज़ाई हमले किए गए और बाग़ीयों ने मार्टर दागे़। मौसूला इत्तिलाआत के बामूजिब सरकारी ख़बररसां इदारा और निगरांकार ग्रुप शामी रस

कम अज़ कम 44 अफ़राद शाम के दारुल हुकूमत दमिश्क़ और मज़ाफ़ाती इलाक़ों में हलाक हो गए जबकि शामी हुकूमत की जानिब से फ़िज़ाई हमले किए गए और बाग़ीयों ने मार्टर दागे़। मौसूला इत्तिलाआत के बामूजिब सरकारी ख़बररसां इदारा और निगरांकार ग्रुप शामी रसदगाह बराए इंसानी हुक़ूक़ ने कहा कि कम अज़ कम 32 अफ़राद फ़िज़ाई हमलों में हलाक हुए।

ये फ़िज़ाई हमले दमिश्क़ के मुज़ाफ़ात में बाग़ीयों के ज़ेरे क़ब्ज़ा इलाक़ों पर किए गए थे। दमिश्क़ के शुमाल मशरिक़ क़स्बा दोमा में 17 अफ़राद हलाक हुए जबकि कुफ्र बतना में 15 अफ़राद हलाक हुए जो दमिश्क़ के मशरिक़ में हैं। दोनों कस्बों में एक ख़ातून और एक बच्चा भी महलोकीन में शामिल है।

रसदगाह के सरब्राह रामी अबदुर्रहमान और सरकारी ख़बररसां इदारा सनआ में कहा कि बाग़ीयों की मार्टर फायरिंग से दमिश्क़ के जुनूबी अज़ला में 12 अफ़राद हलाक हुए जिन में एक लड़की भी शामिल है।

दहश्तगर्दों के हमलों से 23 अफ़राद ज़ख़्मी हो गए। 3 रोज़ा लड़ाई में कम अज़ कम 11 लेबनानी फ़ौज हलाक हो गए और दीगर 13 लापता हैं और सरहद पार से शामी अस्करीयत पसंदों ने इस इलाक़ा पर हमला किया था और फ़ौजी चौकीयों को हमला का निशाना बनाया गया। लेबनानी फ़ौज ने अस्करीयत पसंदों का ख़ात्मा करने का अह्द किया है।

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