Friday , October 20 2017
Home / Uttar Pradesh / दरख्वास्त 824, क़र्ज़ मिला महज़ 61 को

दरख्वास्त 824, क़र्ज़ मिला महज़ 61 को

स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना (एसजेएसआरवाइ) के तहत रांची मुंसिपल कॉर्पोरेशन में 824 लोगों ने दरख्वास्त दिया था, जिसमें से महज़ 61 को ही क़र्ज़ मिल सका है। ग्रुप क़र्ज़ के तहत भी सिर्फ छह ग्रुपों का इंतिख़ाब हुआ। मुंसिपल कॉर्पोरेशन से हासि

स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना (एसजेएसआरवाइ) के तहत रांची मुंसिपल कॉर्पोरेशन में 824 लोगों ने दरख्वास्त दिया था, जिसमें से महज़ 61 को ही क़र्ज़ मिल सका है। ग्रुप क़र्ज़ के तहत भी सिर्फ छह ग्रुपों का इंतिख़ाब हुआ। मुंसिपल कॉर्पोरेशन से हासिल अदाद व शुमार के मुताबिक कॉर्पोरेशन ने 61 लोगों के दरमियान 61 लाख 60 हजार रुपये का क़र्ज़ दिया है, जबकि ग्रुप लोन के तहत फिनाइल, कैंडल मेकिंग, सर्फ और साबुन मेकिंग के लिए नौ लाख 10 हजार रुपये का क़र्ज़ दिया है. कॉर्पोरेशन में आये 824 दरख्वास्त में कॉर्पोरेशन ने 800 दरख्वास्त गुज़ारों को बैंक में भेजा था।

बैंक नहीं दे रहे कर्ज

वार्ड नंबर 30 किशोरगंज के रिहायसी मो शकील और दुर्गा सिंह ने एसजेएसआरवाइ मंसूबा के तहत मुंसिपल कॉर्पोरेशन में क़र्ज़ के लिए दरख्वास्त दिया था। कॉर्पोरेशन ने सारे कागजात तैयार कर उसे हरमू वाक़ेय पंजाब बैंक को भेजा। मौजूदा में इन लोगों का कागजात दो माह से बैंक में पेंडिंग है।

लोगों के मुताबिक, बैंक जाने पर हमें हर बार यह कह कर टालमटोल किया जाता है कि जैसे ही आपका क़र्ज़ पास होगा, हम आपको इत्तिला कर देंगे। लोगों ने इस बात की शिकायत कॉर्पोरेशन अफसरों से की। लोगों की शिकायत के सिलसिले में कॉर्पोरेशन के डीएमसी अजय कुमार सिंह कहते हैं कि अगर बैंक इस तरह के कर रहे हैं तो यह काफी संजीदा बात है। हम जल्द ही ऐसे तमाम बैंकों के ओहदेदारों के साथ बैठक करेंगे, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को इस मंसूबा का फायदा मिल सके। वार्ड 30 के पार्षद ओमप्रकाश कहते हैं कि अगर बैंकों का यही रवैया रहा, तो इस मंसूबा से एक भी गरीब को फायदा होनेवाला नहीं है।

TOPPOPULARRECENT