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दलित,पिछड़ा का बेटा क्यों नहीं बन सकता शंकराचार्य-लालू प्रसाद यादव

सरकारी नौकरियो में आरक्षण को लेकर देश में लगातार बहस चलती रहती है, ऐसे में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद याद ने नई बहस छेड़ दी है. लालू प्रसाद यादव ने अब देश के चारों पीठ के शंकराचार्यों पर निशाना साधा है. फेसबुक पर लालू यादव ने लिखा है कि ‘चारों पीठ में शंकराचार्य की नियुक्ति में भी आरक्षण होना चाहिए। युगो-युगों से वहाँ सिर्फ़ एक वर्ण और एक ही जात का आरक्षण क्यों है। बताइये, कौन है जातिवादी?
लालू यादव लिखते हैं कि ‘हे जातिवादियों, बताओ? दलित-पिछड़ा का बेटा क्यों नहीं बन सकता शंकराचार्य? जब दलित-पिछड़ें के बेटा-बेटी IAS टॉप कर सकते है, IIT टॉप कर सकते है तो शंकराचार्य क्यों नहीं बन सकते? तीन पीठों में वंचित वर्गों के शंकराचार्य होने चाहिए। एक तो हमारा हक़ मारते हो, हमें मंदिर जाने से रोकते हों और ऊपर से हमें ही सिखाते हों। ये अन्याय अब नहीं चलेगा।

लालू प्रसाद यादव के इस पोस्ट के बाद विवाद खड़ा हो सकता है और नई बहस भी क्योंकि ये एक बड़ा मुद्दा है. इससे पहले मंदिरों मठों में उच्च जाति के मठाधीश बनाए जाने पर सवाल उठाए जा चुके हैं लेकिन अब लालू यादव ने सीधे पीठों पर निशाना साधा है।

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