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दस्तूरी इदारे तन्क़ीद से बालातर नहीं इलेक्शन कमीशन पर तबसेरा

बी जे पी ने आज इलेक्शन कमीशन पर वाराण‌सी में नरेंद्र मोदी के जल्सा-ए-आम की इजाज़त से इनकार की वजह से तन्क़ीद को जायज़ क़रार देते हुए कहा कि दस्तूरी इदारे तन्क़ीद से बालातर नहीं है। बी जे पी क़ाइद अरूण जेटली ने अपने ब्लॉक पर कहा कि क्या

बी जे पी ने आज इलेक्शन कमीशन पर वाराण‌सी में नरेंद्र मोदी के जल्सा-ए-आम की इजाज़त से इनकार की वजह से तन्क़ीद को जायज़ क़रार देते हुए कहा कि दस्तूरी इदारे तन्क़ीद से बालातर नहीं है। बी जे पी क़ाइद अरूण जेटली ने अपने ब्लॉक पर कहा कि क्या दस्तूरी इदारों को तन्क़ीद से इस्तिस्ना हासिल है।

वो इस नज़रिये से मुत्तफ़िक़ नहीं है कि अगर एक इदारा दस्तूर के तहत तशकील दिया गया तो इस पर तन्क़ीद नहीं की जा सकती। मोदी की जानिब से इलेक्शन कमीशन के ख़िलाफ़ खुल कर एलाने जंग करने के एक दिन बाद इनका ये तबसेरा मंज़रे आम पर आया। उन्होंने इल्ज़ाम आइद किया कि इलेक्शन कमीशन दबाव‌ के तहत काम कररहा है और उनके साथ जांबदारी बरत रहा है।

बी जे पी के विज़ारते उज़मा के उम्मीदवार के हमराह दीगर सीनियर पार्टी क़ाइदीन ने वाराण‌सी में कल इमतिनाई अहकाम की ख़िलाफ़वरज़ी करते हुए जल्सा-ए-आम के इनीक़ाद की इजाज़त ना देने पर एहतेजाजी जुलूस निकाला था। जेटली ने कहा कि उन्हें यक़ीन है कि मोदी को उन के हल्क़ा-ए‍-इंतेख़ाब में जल्सा-ए-आम के इनीक़ाद की इजाज़त ना देने का फ़ैसला ना मुंसिफ़ाना और इंतेख़ाबी मुहिम चलाने के हक़ से महरूम करदेने के मुतरादिफ़ है।

उन्होंने कहा कि इलेक्शन कमीशन और रिटर्निंग ऑफीसर दोनों पर इस हमालयाई ग़लती केलिए तन्क़ीद बिलकुल जायज़ है ताकि उन के जांनशीन आइन्दा एसी ग़लती ना करसकें। उन्होंने कहा कि वो इस ग़ैर वाज़िह रुजहान की ताईद नहीं करते कि बैन महिकमा जाती ख़ैरसिगाली में ख़ुद एहतिसाबी होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि रिटर्निंग ऑफीसर को इनका मश्वरा है कि जल्सा-ए-आम के इनीक़ाद के हक़ से महरूम करते हुए वो मोदी की इंतेख़ाबी मुहिम को महिदूद नहीं करसकते। कल के वाक़ियात से साबित होता है कि रिटर्निंग ऑफीसर की नाइंसाफ़ी का वाराण‌सी के अवाम ने मुंहतोड़ जवाब दिया है।

बी जे पी की भरपूर तन्क़ीद की परवाह किए बगै़र इलेक्शन कमीशन ने जांबदारी के इल्ज़ाम को मुस्तरद कर दिया और वाज़िह किया कि वो किसी से भी ख़ौफ़ज़दा नहीं है। किसी सियासी पार्टी या किसी शख़्सियत से भी नहीं क्योंकि वो अपना फ़र्ज़ अदा कररहा है। जेटली ने कांग्रेस पर जाली ओ बी सी के मोदी के ख़िलाफ़ तबसरे पर जवाबी वार करते हुए बी जे पी ने कहा कि ओ बी सी का मौक़िफ़ कांग्रेस केलिए परेशानकुन बन गया है।

जेटली ने कहा कि हालाँकि मोदी ने कभी भी अपनी ज़ात को अपनी शनाख़्त नहीं बनाया। उनकी अपील ज़ात पात और फ़िरक़ों से बालातर है । कांग्रेस को वाज़िह तौर पर उस की फ़िक्र है। क्योंकि बरसर‍-ए‍-इक़्तेदार ख़ानदान एक आम आदमी के हाथों कांग्रेस की शिकस्त को हज़म नहीं करसकता।

कांग्रेस के तर्जुमान शक्ति सीना गोहिल के इस दावा पर कि मोदी ने मोध घांची बिरादरी को सितंबर 2001 में चीफ़ मिनिस्टर बनने के एक साल बाद दीगर पसमांदा तबक़ात की फ़हरिस्त में शामिल करवाया था क्योंकि वो इसी ज़ात से ताल्लुक़ रखते हैं । इस तबसेरे पर जवाबी वार करते हुए अरूण जेटली ने कहा कि ये तबक़ा 25जुलाई 1994को गुजरात में दीगर पसमांदा तबक़ात के ज़मुरा में कांग्रेस पार्टी की जानिब से शामिल किया गया था जिस के सरबराह छबील दास महित थे और मंडल कमीशन की फ़हरिस्त ने मर्कज़ की जानिब से 4अप्रैल 2000को शामिल किया गया ।

कांग्रेस को मोदी के कमतर मुबदा क़रार देने पर क्योंकि वो एक चाय बेचने वाले थे उसे इंतेख़ाबी मौज़ू बनाने के मनफ़ी नताइज का सामना करना पड़ा। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या उसे यक़ीन है कि दीगर पसमांदा तबक़ात की फ़हरिस्त में जब भी किसी ज़ात को शामिल किया जाता है तो क्या ये गुनाह है।

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