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दहशतगर्दी को शिकस्त देने और वज़ीर-ए-आज़म पाकिस्तान से मुज़ाकरात का अहद

ये निशानदेही करते हुए कि न्यूयार्क में वज़ीर-ए-आज़म पाकिस्तान से इतवार के दिन मुलाक़ात के लिए पेशरफ़त जारी रहेगी, वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह ने आज कहा कि जम्मू के इलाक़े में किए जाने वाले दहशतगर्द हमले की मानिंद इश्तिआल अंगेज़ दहशतगर्द हमले

ये निशानदेही करते हुए कि न्यूयार्क में वज़ीर-ए-आज़म पाकिस्तान से इतवार के दिन मुलाक़ात के लिए पेशरफ़त जारी रहेगी, वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह ने आज कहा कि जम्मू के इलाक़े में किए जाने वाले दहशतगर्द हमले की मानिंद इश्तिआल अंगेज़ दहशतगर्द हमले मुज़ाकरात के अमल को गुमराह करने में कामयाब नहीं रहेंगे। ताहम उन्होंने आज के दहशतगर्द हमलों की सख़्त तरीन मज़म्मत करते हुए कहा कि ये हमला अमन दुश्मनों ने सरहद पार से किया है। वो वाज़िह तौर पर पाकिस्तान का हवाला दे रहे थे।

वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह वज़ीर-ए-आज़म पाकिस्तान नवाज़ शरीफ़ से न्यूयार्क में मुज़ाकरात करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान दहश्तगर्दी की लानत का मुक़ाबला करने और उसे शिकस्त देने का अह्द किए हुए है। दहशतगर्दी की हिम्मतअफ़्ज़ाई और इस पर अमल आवरी सरहद पार से जारी है। उन्होंने कहा कि अमन के दुश्मनों की तरफ‌ से बरबरीयत की ऐसी कार्यवाहीयां इश्तिआल अंगेज़ियों के सिलसिले में एक और इज़ाफ़ा है।

अमरीका जाते हुए उन्होंने अपने बयान में कहा कि ऐसे हमलों से हम मरऊब नहीं होंगे और ऐसे हमले मुज़ाकरात के ज़रीये तमाम मसाइल का हल तलाश करने की हमारी कोशिशों को गुमराह नहीं कर सकेंगे। दो दहश्तगर्द हमलों में 3 ज़बरदस्त मुसल्लह अस्करीयतपसंदों ने जो फ़ौजी वर्दी में मलबूस थे एक पुलिस स्टेशन और फ़ौजी कैंप में जम्मू के इलाक़े में ज़बरदस्ती दाख़िल होकर 8 अफ़राद बिशमोल एक लेफ्टिनेंट कर्नल और सयानती अमला के दीगर 6 अरकान को हलाक कर दिया।

वज़ीर-ए-आज़म डाक्टर मनमोहन सिंह ने कहा कि उन्हें ऐसे सख़्त अलफ़ाज़ दस्तयाब नहीं होरहे हैं जिन से हीरानगर पुलिस स्टेशन और जम्मू-ओ-कश्मीर में सानभा के मुक़ाम पर फ़ौजी कैंप पर दहशतगर्द हमलों की मज़म्मत की जा सके। ये हमले आज सुबह किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वो बहादुर फ़ौजीयों और पुलिस ओहदेदारों के अरकान ख़ानदान को तहा दिल से ताज़ियत पेश करते हैं। इस बुज़दिलाना हमले में शहीद होने वाले बेक़सूर शहरीयों के विरसा-ए-को भी वो तहा दिल से ताज़ियत पेश कररहे हैं।

29 सितंबर को मुक़र्रर इजलास में हिन्दुस्तानी वफ़द की क़ियादत वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह करेंगे जबकि पाकिस्तानी वफ़द की क़ियादत नए वज़ीर-ए-आज़म करेंगे जिन्होंने दोनों ममालिक के ताल्लुक़ात के बारे में चंद बेहतरीन बयानात दिए हैं और ख़ित्ता क़बज़ा-ओ-बैन-उल-अक़वामी सरहद पर जंग बंदी की ख़िलाफ़ वरज़ीयों पर, मुसलसल दहशतगर्दी और 2008 के मुंबई हमले के ख़ातियों के ख़िलाफ़ बे अमली पर ईज़हार-ए-तशवीश किया है।

वज़ीर-ए-आज़म ने कहा कि हिन्दुस्तानी फ़ौजियों की गुज़िश्ता माह ख़ित्ता क़बज़ा पर पाकिस्तानी फ़ौजीयों के हाथों हलाकत के बाद बाहमी ताल्लुक़ात कशीदा होगए थे। हिन्दुस्तान ने पाकिस्तान पर ज़ोर दिया है कि वो पाकिस्तानी सरज़मीन से जारी दहशतगर्द कार्यवाईयों पर क़ाबू पाए और 2008 मुंबई हमलों के ख़ातियों को क़रार वाक़ई सज़ा दे।

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