Monday , October 23 2017
Home / Bihar News / दहशतगर्दों से निपटने को होगा अपना दस्ता

दहशतगर्दों से निपटने को होगा अपना दस्ता

पटना 10 जुलाई : बोधगया में सीरियल धमाके की वाकिया के बाद हुकूमत ने तेजी से कदम बढ़ाते हुए रियासत में इन्स्दाद दहशतगर्द दस्ते के कयाम का फैसला किया है। मकसद रियासत में दहशतगर्दी सरगर्मियों पर काबू पाना है। इस तरह दहशतगर्द सरगर्मियो

पटना 10 जुलाई : बोधगया में सीरियल धमाके की वाकिया के बाद हुकूमत ने तेजी से कदम बढ़ाते हुए रियासत में इन्स्दाद दहशतगर्द दस्ते के कयाम का फैसला किया है। मकसद रियासत में दहशतगर्दी सरगर्मियों पर काबू पाना है। इस तरह दहशतगर्द सरगर्मियों से निपटने को बिहार का भी अपना ज़दीद आलात और तकनीक से लैस ट्रेंड दस्ता होगा। मंगल को रियासत काबिना की बैठक में इसके लिए 344 ओहदों के तखलीक को मंजूरी दी गई। बैठक में महात्मा गांधी देहि रोजगार गारंटी प्रोग्राम के तहत मजदूरों की मजदूरी 144 रुपये से बढ़ाकर 162 रुपये करने और इंदिरा आवास की रकम 45000 से बढ़ाकर 70000 करने और 4 फीसद इंतेजामिया खर्च के मुताल्लिक में मंजूरी दी गई।

महाराष्ट्र वगैरह रियासतों के ताजीरात के हवाले तौविल वक़्त से रियासत में इन्स्दाद दहशतगर्द दस्ते के कयाम की कार्रवाई चल रही थी। इंतेजामिया ओहदेदार कमेटी ने कुछ माह पहले ही दस्ते के तशकील के लिए ओहदे के तखलीक को हरी झंडी दी थी। बोधगया की वाकिया के बाद उस तजवीज को तलाशा गया और 344 ओहदों के तखलीक को मंजूरी पर काबिना की मुहर लग गई। कैबिनेट सेक्रेटरी ब्रजेश मेहरोत्रा के मुताबिक आइजी के कियादत में दस्ता होगा। एक आइजी, एक डीआइडी, एक एसपी, छह डीएसपी, 12 इंस्पेक्टर , 38 दरोगा, 16 हवलदार और 194 पुलिस समेत कुल 344 ओहदों का तखलीक किया गया है।

अभी रियासत के 11 जिले औरंगाबाद, अरवल, गया, जहानाबाद, नवादा, रोहतास, कैमूर, जमुई, मुंगेर, सीतामढ़ी और मग्रीबी चंपारण नक्सल मुतासिर जिले की ज़मरे में दर्ज हैं। इंदिरा आवास मंसूबा के अमल के लिए अहलकारों की कमी थी, फायदे लेने वालों को तकनीकी मदद , तरबियत वगैरह में परेशानी थी। ये काम रियासत हुकूमत अपने वसायल से करा रही थी। इस परेशानी की तरफ बार-बार दरख्वास्त करने के बाद मर्क़जी हुकूमत ने मंसूबा के तहत फराहम रक़म का 4 फीसद इंतेजामिया अख्राजात पर खर्च करने की मंजूरी दी गई। मालूम हो कि इंदिरा आवास में मर्क़जी और रियासत हुकूमत का सुब्क्रिप्शन 75:25 फीसद का होता है। वहीं निगरानी महकमा के तहत खुशुसी निगरानी यूनिट को मजबूत करने और तहकीकात की सलाहियत बढ़ाने के लिए सीबीआइ से रिटायर्ड पुलिस अहलकारों को कॉन्ट्रैक्ट पैकेज पर मुक़र्रर करने से मुताल्लिक तजवीज को मंजूरी दी गई

TOPPOPULARRECENT