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दहशतगर्द का नया ठिकाना ‘जमशेदपुर’

जमशेदपुर: अलकायदा के भारत मॉड्यूल चलाने के इलज़ाम में धतकीडीह के रहने वाले अब्दुल समी की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर जमशेदपुर दहशतगर्द के नक्शे पर उभर कर आया है। इससे पहले भी जमशेदपुर का दहशतगर्द कनेक्शन कई बार उभर कर सामने आ चुका है। साल 1997 में सोनारी पुलिस ने मिलिट्री कैंप में घुसते वक़्त अोड़िशा के रहने वाले अलाउद्दीन को गैर कानूनी असलाह के साथ गिरफ्तार किया था। उसने पूछताछ में खुद को जमात का मेबर बताया था। पूछताछ में उसने बताया था कि उसके गांव के कई लोग पाकिस्तान जाकर दहशतगर्दी का ट्रेनिंग ले चुके हैं। सोनारी पुलिस ने सिर्फ आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज कर उसे जेल भेजा था। बाद में वह छूट कर गायब हो गया।

इसके बाद साल 2003 में दीपावली के वक़्त दिल्ली के अंसल प्लाजा में बम धमाके की वाकिया हुई थी। बम ब्लास्ट के बाद दिल्ली पुलिस ने लश्कर ए तोइबा के दहशतगर्द मो शाहनवाज को तसादुम में मार गिराया था। शाहनवाज के पॉकेट से जमशेदपुर के जिला डीटीओ दफ्तर से जारी ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किया गया था। पड़ताल में यह बात सामने आयी थी कि शाहनवाज ने कई माह तक मानगो के रोड नंबर 13 में रह कर जमशेदपुर में ड्राइविंग सीखी थी।

साल 2004 में कोलकाता पुलिस ने लश्कर ए तोइबा से ताल्लुक रखने के इलज़ाम में आजाद नगर के रहने वाले तारिक अख्तर को गिरफ्तार किया था। तारिक को साथ लाकर आजाद नगर के कुली रोड में छापामारी कर नूर मोहम्मद को गिरफ्तार किया था। नूर मोहम्मद के घर से पुलिस ने धमाके खेज़ अलात अौर दहशतगर्द किताब अौर सीडी बरामद किया था। हालांकि दोनों बाद में कोर्ट से बरी हो गये। नूर मोहम्मद ने पूछताछ में खुलासा किया था कि आजाद नगर का सलाउद्दीन नामी नौजवान आजाद नगर के कई नौजवानों का पासपोर्ट लेकर अपने पास रखा हुआ है, जिन्हें वह दहशतगर्द की ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान ले जाने वाला था।

2007 में मुंबई के लोकल ट्रेन में सीरियल ब्लास्ट करने वाले दहशतगर्द में से आसिफ के जमशेदपुर के टेल्को में कई दिनों तक आकर रहने की इत्तिला मिली थी। गिरफ्तारी के पहले वह यहां से भाग निकला था अौर कोलकाता से गिरफ्तार हुआ था। मध्य प्रदेश को भोपाल समेत की शहरों में सिपाही, वकील की क़त्ल कर और भोपाल में मण्णापुरम गोल्ड में छह करोड़ के सोने की डकैती कर इंडियन मुजाहिदीन का भोपाल सरगना मुंबई के रहने वाले अबू फैजल उर्फ डॉक्टर अपने साथी अौर रिश्तेदार इकरार शेख के साथ भाग कर जमशेदपुर आया था। जमशेदपुर के जाकिर नगर रोड में उसने घर खरीदा था अौर उसके साथी ने डिमना रोड की एक गैस एजेंसी से गैस कनेक्शन लिया था अौर जमशेदपुर डीटीओ दफ्तर में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का दरख्वास्त दिया था। अबू फैजल अौर इकरार शेख अपनी बीवी के साथ तकरीबन ढाई माह तक जाकिर नगर में पनाह लिए थे। बाद में भोपाल पुलिस ने तसादुम के बाद अबू फैजल, इकरार शेख को चार दीगर साथियों के साथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद भोपाल एटीएस ने अबू फैजल अौर इकरार शेख को लाकर जाकिर नगर वाक़े खरीदे गये घर भोपाल से लूटा गया सोना बरामद किया था। बाद में 1 अगस्त 2014 को अबू फैजल अौर उसके साथी बड़ोदरा जेल से फरार हो गये थे। जेल से भागने के बाद भी अबू फैजल झारखंड आया था अौर अोड़िशा में बैंक डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। पटना के गांधी मैदान में नरेंद्र मोदी की इजलास में बम धमाके में शामिल रांची के सीठियो के दहशतगर्द से भेंट करने के बाद वह मध्य प्रदेश में गिरफ्तार हुआ था।

साल 2014 में कोलकाता पुलिस ने बांग्लादेश के दहशतगर्द तंज़ीम जमात उल मुजाहिदीन का मेंबर होने के इलज़ाम में जाकिर नगर में छापामारी कर शीश मोहम्मद को गिरफ्तार किया था, हालांकि बाद में वह तहकीकात में बे गुनाह निकला था। कटक के रहने वाले अब्दुल रहमान कटकी की गिरफ्तारी के बाद जमशेदपुर के कई नौजवानों के अल कायदा कनेक्शन की बात सामने आ रही थी, जिसके बाद धतकीडीह के रहने वाले अब्दुल सामी को गिरफ्तार किया गया।

 

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