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दहशतगर्द के मामले में इंतेजार के खिलाफ सीआइडी तहक़ीक़ात में नहीं मिला कोई सुबूत

रांची : वर्दमान-हटिया ट्रेन से 20 अगस्त को धमाके खेज आलात के साथ गिरफ्तार इंतेजार अली के मामले की जांच सीआइडी ने पूरी कर ली है। ज़राये ने बताया कि इंतेजार अली के खिलाफ सीआइडी को कोई सुबूत नहीं मिले हैं। अगले एक-दो दिनों में सुपरविजन के बाद सीआइडी अपनी जांच रिपोर्ट डीजीपी को भेज देगी। इंतेजार अली हिंदपीढ़ी थाना इलाक़े का रहनेवाला है़ पेशे से मेडिकल प्रैक्टीशनर (आरएमपी) है।

ज़राये के मुताबिक, सीआइडी ने मामले में हर पहलु की जांच की है। बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में बंद इंतेजार अली का बयान भी लिया़। सीआइडी की टीम झालदा भी गयी। झालदा में 20 अगस्त को मेडिकल कैंप में मौजूद एनजीओ के लोगों और इलाज कराने पहुंचे कुछ लोगों के बयान दर्ज किये। सभी ने इंतेजार अली की बातों को सही बताया है।

सभी जानकारी सही पायी गयी। गिरफ्तारी के बाद इंतेजार ने अपने बारे में जो भी जानकारी पुलिस को दी थी, जांच में सभी सही पाये गये़। उसके पास से बरामद मोबाइल का कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर), घर से जब्त कंप्यूटर, दोस्त, रिश्तेदार वगैरह के बारे में जांच करने पर भी कहीं से यह नहीं पता चला कि उसकी सरगर्मी कभी मुश्तबा रही है। सुबूत के नाम पर पुलिस के पास सिर्फ इंतेजार को पकड़ने में शामिल पुलिस मुलाज़िम का बयान है। इसमें कहा गया है कि इंतेजार अली धमाके खेज आलात से भरा बैग लेकर किता स्टेशन से बाहर निकल रहा था, तभी उसे गिरफ्तार किया गया। हालांकि पुलिस के ज़राये इस बयान झूठ बता रहे हैं। ज़राये का कहना है कि बैग की बरामदगी सीट के नीचे से हुई थी, लेकिन पुलिस ने इंतेजार के पास से दिखाया है।

डीआइजी ने भी माना है बेगुनाह

रेल डीआइजी प्रिया दुबे ने भी मामले की जायजा ली है। उन्होने भी इंतेजार अली को बेगुनाह पाया है। उसे फंसाये जाने की बात कही है। डीआइजी ने इंतेजार अली की गिरफ्तारी में शामिल अनगड़ा व सिल्ली थाना के इंचार्ज, इंस्पेक्टर व दीगर पर कार्रवाई की सिफ़ारिश रांची रेंज के डीआइजी से की है। जीआरपी के डीएसपी से वजाहत पूछा है।

 

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