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दहश्तगर्दी से मुशतर्का मुक़ाबला और तमाम शोबों में बाहमी तआवुन के फ़रोग़ का फ़ैसला

यरूशलम, ११ जनवरी (पी टी आई ) हिंदूस्तान और इसराईल ने तमाम शोबा जात में बाहमी रवाबित को फ़रोग़ देने और दहश्तगर्दी से मुक़ाबला के लिए मुशतर्का लायेहा-ए-अमल इख्तेयार करने से इत्तिफ़ाक़ किया है । दोनों ममालिक ने मुख़्तलिफ़ शोबों जैसे दिफ़ा ,

यरूशलम, ११ जनवरी (पी टी आई ) हिंदूस्तान और इसराईल ने तमाम शोबा जात में बाहमी रवाबित को फ़रोग़ देने और दहश्तगर्दी से मुक़ाबला के लिए मुशतर्का लायेहा-ए-अमल इख्तेयार करने से इत्तिफ़ाक़ किया है । दोनों ममालिक ने मुख़्तलिफ़ शोबों जैसे दिफ़ा , ज़राअत , तिजारत और इन्फ़ार्मेशन टैक्नालोजी में आइन्दा दो दहों के दौरान बाहमी तआवुन को फ़रोग़ देते हुए रोड मैप के मुताबिक़ काम करने का फ़ैसला किया है ।

एस एम कृष्णा तक़रीबन एक दहिय बाद इसराईल का दौरा करने वाले पहले वज़ीर-ए-ख़ारजा हैं। उन्हों ने वज़ीर-ए-आज़म बिंजा मन नेतन्याहू से नाशतादान पर तक़रीबन डेढ़ घंटा बातचीत की और इस मौक़ा पर इसराईल को साईंस के तमाम महाज़ों पर फ़ित्री हलीफ़ क़रार दिया। एस एम कृष्णा की नाशतादान पर मुलाक़ात एक ऐसा एज़ाज़ है जो इसराईल सिर्फ़ मख़सूस ममालिक की सरकरदा शख़्सियतों को फ़राहम करता है।

इसराईली हम मंसब ओगदर लेबर मैन से मुलाक़ात को एस एम कृष्णा ने ग़ैरमामूली और कारआमद क़रार दिया । उन्हों ने बताया कि हम ने तमाम शोबों बिशमोल सियासत, मईशत, साईंस और सक़ाफ़्त पर बाहमी रवाबित के बारे में तबादला-ए-ख़्याल किया। एस एम कृष्णा ने बताया कि हिंदूस्तान और इसराईल ने आज दो मुआहिदात पर दस्तख़त किए हैं जिन में एक मुजरिमीन की हवालगी और दूसरा दहश्तगर्दी का सामना करने वाले अफ़राद की मुंतक़ली से मुताल्लिक़ है। उन्होंने कहा कि बैन-उल-अक़वामी दहश्तगर्दी के ख़ातमा के लिए सब को मिल कर काम करना चाहीए ।

एस एम कृष्णा ने सरकरदा इसराईली क़ियादत बिशमोल सदर शमाउन पेरेज़ से सिलसिला वार मुलाक़ातें कीं और कहा कि हिंदूस्तान दीगर कई शोबों में भी इसराईल को अपना पार्टनर बनाने में दिलचस्पी रखता है।

इसराईल ने हिंदूस्तान को कुर्रा-ए-अर्ज़ पर सब से बड़ी जमहूरीयत क़रार देते हुए कहा है कि अक़वाम-ए-मुत्तहिदा की तौसीअ शूदा सलामती कौंसल में वो हिंदूस्तान की मुस्तक़िल रुकनीयत का ख़ाहिशमंद है। वज़ीर-ए-ख़ारजा ऐस ऐम कृष्णा की यहां आमद पर इस्तिक़बाल करते हुए इसराईल के सदर शमाउन पेरेज़ ने कहा कि तिल अबीब इंतिहाई एहतियात-ओ-दिलचस्पी के साथ नई दिल्ली पर नज़र रखा हुआ है।

उन्होंने गुज़श्ता रात कहा कि हमारे लिए हिंदूस्तान सब से पहले एक कल्चर है और इस के बाद वो कुर्रा-ए-अर्ज़ की सब से बड़ी जमहूरीयत है। इलावा अज़ीं आज़ादी में ग़रीब हुए बगै़र इस ने आम ग़ुर्बत से नजात हासिल करने के लिए नाक़ाबिल-ए-यक़ीन हद तक मिसाली कामयाबी हासिल की है। मिस्टर शमाउन पेरेज़ ने सलामती कौंसल में मुस्तक़िल रुकनीयत के लिए हिंदूस्तानी कोशिशों की भरपूर हिमायत करते हुए कहा कि मेरी ख़ाहिश है कि हिंदूस्तान, सलामती कौंसल का मुस्तक़िल रुकन बन जाए।

शमाउन पेरेज़ ने अपने ख़िताब में महात्मा गांधी को पयाम्बर अमन-ओ-सदाक़त और साबिक़ वज़ीर-ए-आज़म पण्डित जवाहर लाल नहरू को शहनशाह जम्हूर क़रार दिया। उन्हों ने कहा कि हिंदूस्तान ख़ुशनसीब है कि इस को दो अज़ीम और नाक़ाबिल फ़रामोश क़ाइदीन की रहनुमाई हासिल रही है।

इन में एक पयाम्बर अमन थे तो दूसरे शहनशाह जम्हूर थी। गांधी और नहरू का इमतिज़ाज इंतिहाई ग़ैरमामूली है जिस की मिसाल नहीं मिलती। हिंदूस्तान और इसराईल के माबैन 20 साल क़बल सिफ़ारती ताल्लुक़ात क़ायम होने के बाद शमाउन पेरेज़ दो मर्तबा हिंदूस्तान का दौरा कर चुके हैं।

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