Saturday , October 21 2017
Home / India / दिल्ली इजतिमाई इस्मत रेज़ि वाक़िये से ग़ैरमुल्की तालिबात की हिन्दुस्तान आमद मुतास्सिर

दिल्ली इजतिमाई इस्मत रेज़ि वाक़िये से ग़ैरमुल्की तालिबात की हिन्दुस्तान आमद मुतास्सिर

नेनीताल ।5 अप्रैल (पी टी आई) दिल्ली इजतिमाई इस्मत रेज़ि वाक़िये के नतीजे में सुरमा की तातीलात में उत्तराखंड की मुख़्तलिफ़ एन जी औज़ में रज़ाकाराना तौर पर और बतौर इंटर्न काम करने केलिए ग़ैरमुल्की तालिबात की तादाद में इन्हितात पैदा हुआ है

नेनीताल ।5 अप्रैल (पी टी आई) दिल्ली इजतिमाई इस्मत रेज़ि वाक़िये के नतीजे में सुरमा की तातीलात में उत्तराखंड की मुख़्तलिफ़ एन जी औज़ में रज़ाकाराना तौर पर और बतौर इंटर्न काम करने केलिए ग़ैरमुल्की तालिबात की तादाद में इन्हितात पैदा हुआ है।

नेनीताल की एन जी ओ सैंटर्ल हिमालयन इन्वाइरन्मंट एसोसीएशन‌ (सी ऐच ई ए) की एगज़ीक्युटीव डायरैक्टर पुश्किन पकथयाल ने कहा कि बर्तानिया की एक तंज़ीम कीमोल कैंब्रिज यूनीवर्सिटी के तलबा को रज़ाकाराना तौर पर हिन्दुस्तान में काम करने केलिए रवाना करती थी।

हिन्दुस्तान की मुख़्तलिफ़ मुंख़बा एन जी औज़ बिशमोल सी ऐच ई ए में ये तलबा रज़ाकाराना ख़िदमात अंजाम देते थे लेकिन रज़ाकाराना तौर पर बैरूनी ममालिक से तलबा की एन जी औज़ के साथ बिशमोल सी ऐच ई ए काम करने केलिए आने वालों की तादाद में इन्हितात पैदा हुआ है।

उन्होंने कहा कि उसकी वजह दिल्ली में इजतिमाई इस्मत रेज़ि वाक़िया है जिस की वजह से बैरून-ए-मुल्क से आने वाले तलबा हिन्दुस्तान में अपने आप को ग़ैर महफ़ूज़ महसूस कररहे हैं। बर्तानिया, स्पेन, अमेरीका और फ़्रांस की नामवर यूनीवर्सिटीयों से कम अज़ कम 6 तलबा एन जी औज़ के साथ हर साल 2 ता 3 माह ख़िदमात अंजाम देते थे जिस से उन्हें बुनियादी सतह के समाजी माहौल और उन की दिलचस्पी के दीगर शोबों के बारे में रास्त मालूमात हासिल होती थीं।

TOPPOPULARRECENT