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दिल्ली के म्यूनसिंपल कमिशनर की कार ,प्रापर्टी की क़ुर्की का हुक्म

नई दिल्ली, 8 मई: ( पी टी आई) दिल्ली हाईकोर्ट ने हुक्म देते हुए कहा कि शुमाली दिल्ली की म्यूनसिंपल कारपोरेशन के कमिशनर की कार और दीगर इमलाक ( प्रापर्टी) को क़ुर्क़ कर लिया जाये और उनकी नीलामी के बाद जो भी रक़म हासिल हो इससे इस रजिस्टर शू

नई दिल्ली, 8 मई: ( पी टी आई) दिल्ली हाईकोर्ट ने हुक्म देते हुए कहा कि शुमाली दिल्ली की म्यूनसिंपल कारपोरेशन के कमिशनर की कार और दीगर इमलाक ( प्रापर्टी) को क़ुर्क़ कर लिया जाये और उनकी नीलामी के बाद जो भी रक़म हासिल हो इससे इस रजिस्टर शूदा कौंट्रैक्टर ( ठेकेदार/Contractor) की वाजिब अलादा रक़म अदा की जाये जो म्यूनसिंपल कारपोरेशन ने अब तक अदा नहीं की है।

एडीशनल डिस्ट्रिक्ट जज अजय गोविल ने ये हुक्मनामा उस वक़्त जारी किया जब मज़कूरा ठेकेदार राजेश गुप्ता ने अपनी वाजिब अलादा रक़म जो 1.68 लाख रुपये होती है, की अदमे अदायगी पर अदालत से रुजू होकर रक़म का मुतालिबा किया था। राजेश गुप्ता ने इद्दिआ किया था कि 2011 में एक दीगर अदालत की जानिब से रक़म की अदायगी के अहकामात जारी करने के बावजूद उसे हनूज़ ( अभी तक) रक़म नहीं मिली है।

क़ब्लअज़ीं अदालत ने म्यूनसिंपल कारपोरेशन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के बैंक अकाउंट को मुंजमिद ( frozen) करने का हुक्म जारी किया था। लेकिन हुक्मनामा का वारंट एक अजीब-ओ-ग़रीब रिपोर्ट के साथ वापस आ गया जिस में तहरीर था कि मज़कूरा इंजीनियर के अकाउंट में सिर्फ़ 57 रुपये हैं।

यहां इस बात का तज़किरा ज़रूरी है कि अदालतों के हुक्मनामों का म्यूनसिंपल कारपोरेशन कोई एहतेराम नहीं कर रही है और अदमे तामील के ज़रीया (गैर अनुपालन द्वारा) तहक़ीर ( तौहीन ) अदालत की मुर्तक़िब ( कसूरवार) हो रही है।

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