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दिल्ली गैंगरेप के दरिंदों पर इल्जाम तय

नई दिल्ली, ०३ फ़रवरी: दिल्ली की एक फास्ट ट्रैक अदालत ने 16 दिसंबर की रात चलती बस में हुए गैंगरेप के अहम मुल्जिम राम सिंह समेत पांचों मुल्ज़िमीन को कुसूरवार माना है।

नई दिल्ली, ०३ फ़रवरी: दिल्ली की एक फास्ट ट्रैक अदालत ने 16 दिसंबर की रात चलती बस में हुए गैंगरेप के अहम मुल्जिम राम सिंह समेत पांचों मुल्ज़िमीन
को कुसूरवार माना है।

अदालत ने उनके खिलाफ इलज़ामात करते हुए कहा कि पांचों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए काफी सुबूत हैं। अब मुल्ज़िमीन पर गैंगरेप और कत्ल
समेत कुल 13 दफ़आत के तहत मुकदमा चलेगा। मुजरिम पाए जाने पर इन्हें सजा-ए-मौत दी जा सकती है।

वहीं मुल्ज़िमीन ने जुर्म क़ुबूल करने से इनकार करते हुए खुद को बेगुनाह बताया। अदालत ने इस्तीगासा से पांच फरवरी से गवाहों को पेश करने का हुक्म
दिया है। सबसे पहले पांच फरवरी को मुतास्सिरा के दोस्त और शिकायत करने वाले नौजवान को बतौर गवाह बुलाया गया है।

साकेत वाकेय फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज योगेश खन्ना ने कहा कि वह पांचों मुल्ज़िमीन के खिलाफ इल्जामात तय करते हैं। अदालत ने मुल्ज़िमीन से पूछा कि क्या वे अपना गुनाह क़ुबूल करते हैं। तब सभी ने खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा कि वे ट्रायल का सामना करने को तैयार हैं। इस पर अदालत ने इस्तेगासा ( वकील) को अपने गवाह पेश करने का हुक्म दिया।

जज ने मुल्ज़िमीन को (नाबालिक मुलजिम समेत) मुजरिम मानते हुए कहा कि इन सभी ने 16 दिसंबर की रात अपने दोस्त के साथ जा रही 23 साला लड़की का साजिश के तहत अगवा किया और गैंगरेप किया। उन्होंने कहा कि मुल्ज़िमीन ने लड़की से अप्राकृतिक कृत्य भी किया। इसके अलावा सभी ने लड़की का सामान वगैरह लूटने के अलावा लडके का क़त्ल के मकसद से लोहे की रॉड से उस पर वार किया।

बचाव पक्ष के मुताबिक़, जज ने अपने फैसले में कहा कि सभी मुल्ज़िमीन राम सिंह, अक्षय कुमार सिंह, विनय, पवन व मुकेश के खिलाफ ताजीरात ए हिन्द की दफआत 120बी, 365, 366, 394, 395, 396, 397, 302, 307, 201, 376 2जी, 377, 412 के तहत मुकदमा चलाने के लिए सुबूत हैं।

उधर, मामले के छठे मुलजिम के नाबालिग होने के वजह से जुवेनाइल कोर्ट में मामला जेर ए गौर है। अदालत ने ताजीरात ए हिन्द की दफा 366 को मुल्ज़िमीन के खिलाफ मामले में जोड़ा है, जिसके मुताबिक़ उन्होंने ‘गैर कानूनी जिन्सी ताल्लुकात’ बनाने के लिए मजबूर इरादे से लड़की का अगवा किया।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हफ्ते को गैंगरेप की मुतास्सिरा के घर वालों से मुलाकात की। सोनिया इस खानदान से मिल कर जज्बाती हो गईं और उन्होंने लड़की की वालदा को गले लगा लिया। लड़की के घर वालों ने गुनाहगारों को कड़ी सजा देने के साथ इसमें शामिल एक नाबालिग को भी सजा दिए जाने की मांग की।

घर पर हुई इस मुलाकात में राहुल गांधी भी मौजूद थे। उन्होंने लड़की के दोनों भाइयों से बातचीत कर अपना फोन नंबर दिया और कहा कि वे इस मामले में कभी भी उनसे बराह रास्त राबिता कर सकते हैं।

13 दफाआत में चलेगा मुकदमा
– दफा 365 : अगवा और गलत ढंग से बंधक बनाना
– दफा 366 : गैर कानूनी जिंसी ताल्लुकात बनाने के लिए मजबूर इरादे से अगवा
– दफा 376 (2) जी : गैंगरेप
– दफा 377 : अप्राकृतिक यौनाचार
– दफा 307 : कत्ल की कोशिश
– दफा 394 : लूटपाट के दौरान जानबूझ कर जिस्मानी चोट पहुंचाना
– दफा 395 : डकैती के लिए सजा
– दफा 396 : डकैती के साथ क़त्ल
– दफा 397 : हथियारों के साथ डकैती डालना और शदीद चोट पहुंचाना
– दफा 412 : लूट की चीजों को अपने पास रखना
– दफा 201 : सुबूत मिटाना
– दफा 120बी : मुजरिमाना साजिश
– दफा 302 : क़त्ल

इन दरिंदों के नाम और पेशा

– राम सिंह : उम्र 33 साल। पेशे से ड्राइवर। शराबी कई बार लोगों से मार-पीट और झगड़े में शामिल रहा है।

– मुकेश सिंह : उम्र 26 साल। राम सिंह का भाई। ड्राइवर। जैसा कहा गया वैसा करता गया। इसके खिलाफ आम तौर पर बच्चों से बुरा बरताव करने की शिकायतें हैं।

– पवन गुप्ता : उम्र 18 साल। फल बेचने वाले का बेटा। वालदैन के साथ एक कमरे के मकान में रहता था। तीन बहनें और एक भाई। इसने भी किया नाबालिग होने का दावा।

– विनय शर्मा : उम्र 20 साल। एक जिम में असिस्टेंट। बीकॉम का स्टूडेंट । अक्सर भजन और गाने भी गाता रहा।

– अक्षय कुमार सिंह : उम्र 28 साल। बस का क्लीनर। बीवी और बेटी को छोड़ चुका है। कभी ईंट भट्टों और शराब फेक्ट्रियों/ठेकों पर काम करता था।

– राजू (बदला हुआ नाम) : नाबालिग, उम्र 17 साल। इस्मतरेज़ी के दौरान सबसे जारिहाना, छोटे-मोटे काम करता रहा। जुवेनाइल बोर्ड ने नाबालिग ठहराया। कड़ी सजा से बच सकता है।

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