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दिल्ली में खुला पहला मॉडल सरकारी स्कूल, जानें क्या फर्क है सरकारी स्कूलों से

नई दिल्ली। सत्ता में आने से पहले सीएम केजरीवाल ने सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा और शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने का वादा किया था। इसी वादे के तहत दिल्ली में पहले ‘मॉडल सरकारी स्कूल’ का उद्घाटन किया गया। ‘मॉडल सरकारी स्कूल’ का उद्घाटन शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया ने किया।

सर्वोदय बाल विद्यालय पहला ‘मॉडल सरकारी स्कूल’

राउज एवेन्यू के सर्वोदय बाल विद्यालय को दिल्ली का पहला ‘मॉडल सरकारी स्कूल’ बनाया गया है। इस स्कूल में क्वालिटी एजुकेशन के लिए प्रोजेक्टर, लैब और अन्य सुविधाओं को उपलब्ध करवाया जाएगा। इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जाएगा। सरकार का मकसद ‘मॉडल सरकारी स्कूल’ के जरिए बेंचमार्क सेट करना है जहां छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध हो।

मनीष सिसोदिया ने किया उद्घाटन

उद्घाटन करने के बाद मनीष सिसोदिया ने अपने संबोधन में कहा कि ‘मॉडल सरकारी स्कूल’ के लिए अच्छे नेतृत्व की जरूरत है। केवल संसाधन के बदौलत बेहतर शिक्षा नहीं दी जा सकती है। संसाधन और सुविधा महज शिक्षा का आधार है। सरकार का मकसद क्वालिटी एजुकेशन देना है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में दिल्ली सरकार पूरे दिल्ली में करीब 54 ‘मॉडल सरकारी स्कूल’ बनाएगी।

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