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दिल्ली म्यून्सिपल इंतेख़ाबात कांग्रेस को शिकस्त बी जे पी कामयाब

दिल्ली म्यून्सिपल इंतेख़ाबात में बी जे पी ने कांग्रेस को शिकस्त से दो चार कर दिया है और इसने दिल्ली शुमाल और मशरिक़ की कार्पोरेशंस पर क़ब्ज़ा कर लिया है । इसके इलावा इसे साउथ कारपोरेशन पर भी क़ब्ज़ा की उम्मीद है क्योंकि वहां भी पार्

दिल्ली म्यून्सिपल इंतेख़ाबात में बी जे पी ने कांग्रेस को शिकस्त से दो चार कर दिया है और इसने दिल्ली शुमाल और मशरिक़ की कार्पोरेशंस पर क़ब्ज़ा कर लिया है । इसके इलावा इसे साउथ कारपोरेशन पर भी क़ब्ज़ा की उम्मीद है क्योंकि वहां भी पार्टी वाहिद बड़ी जमात बन कर उभरी है ।

बी जे पी की कामयाबी चीफ मिनिस्टर दिल्ली शीला दीक्षित के लिए एक झटके से कम नहीं है जो गुज़शता 14 साल से यहां हुकूमत कर रही हैं । दिल्ली मजलिस बलदिया को तीन हिस्सों में तक़्सीम करने के उनके मंसूबा से भी पार्टी को कामयाबी नहीं मिल सकी है । तीन कार्पोरेशंस में बी जे पी की कामयाबी ताहम उस की 2007 की कामयाबी की तरह अच्छी नहीं रही ।

इसे जुमला 272 वार्डस में 138 पर कामयाबी हासिल की है । उसे 26 नशिस्तों का नुक़्सान हुआ है जबकि कांग्रेस ने 78 हलक़ों से कामयाबी हासिल की जबकि साबिक़ में इसकी तादाद 64 थी । बी जे पी ने दिल्ली नॉर्थ और दिल्ली ईस्ट कार्पोरेशंस पर क़ब्ज़ा कर लिया है वहां उसे वाज़िह अक्सरियत मिल गई है ताहम उसे दिल्ली साउथ कारपोरेशन में सादा अक्सरियत से 9 नशिस्तें कम मिली हैं।

यहां इस ने 44 पर कामयाबी हासिल की है । पार्टी को उम्मीद है कि वो आज़ाद उम्मीदवारों की ताईद से इस कारपोरेशन पर भी क़ब्ज़ा कर लेगी । यहां से 14 आज़ाद उम्मीदवार कामयाब हुए हैं। नॉर्थ में बी जे पी ने 104 रुकनी एवान में 59 नशिस्तें जीती हैं जबकि दिल्ली साउथ में पार्टी को 44 वार्डज़ से कामयाबी मिली है ।

ईस्ट दिल्ली में कांग्रेस को धक्का लगा है जहां इसका मौक़िफ़ मज़बूत समझा जाता था । 64 वार्डस में बी जे पी ने यहां 35 पर कामयाबी हासिल की है और कांग्रेस को 19 पर ही कामयाबी मिली है । कांग्रेस ने इस शिकस्त पर फ़ौरी रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करते हुए इस की अहमियत को घटाने की कोशिश की है और कहा कि इन नताइज को सिर्फ बलदी इंतेख़ाबात तक महिदूद करके देखा जाना चाहीए जबकि बी जे पी ने कहा कि इस की ये कामयाबी मुल्क भर में कांग्रेस के ख़िलाफ़ जारी लहर का नतीजा है क्योंकि कांग्रेस पार्टी महंगाई और करप्शन पर क़ाबू पाने में नाकाम हो गई थी।

कांग्रेस क़ाइदीन ने इस शिकस्त पर अलैहदा अलैहदा रद्द-ए-अमल ज़ाहिर किया है । शीला दीक्षित के फ़र्ज़ंद-ओ-रुकन पार्लीयामेंट संदीप दीक्षित ने महंगाई और स्क़ाम्स को इसकी वजह क़रार दिया है जबकि मर्कज़ी वज़ीर कपिल सिब्बल ने कहा कि इन नताइज पर क़ौमी यह रियासती मसाएल का कोई असर नहीं रहा ।

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