Tuesday , October 24 2017
Home / India / दीनी मदरसों को बदनाम करने वालों के मुंह पर तमाचा

दीनी मदरसों को बदनाम करने वालों के मुंह पर तमाचा

Pakistani Muslim students attend a religious madrassa, or school, to learn the Quran, in Karachi, Pakistan, Wednesday, March 4, 2015. Religious schools in Pakistan, most of them in mosques, are the only source of education for thousands of children. (AP Photo/Fareed Khan)

नई दिल्ली 21 जनवरी: देश के धार्मिक मदरसों को बदनाम करने वालों के मुंह पर जोरदार तमाचा के तौर पर नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) ने यह हैरत-अंगेज़ इन्किशाफ़ किया है कि इस्लामी जिहादी ग्रुप इस्लामिक स्टेट (आईएस) से राबिता या हमदर्दी रखने के शुबा में 2016 के दौरान गिरफ्तार किए गए 52 लोगों में सिर्फ 20 फीसदी का ताल्लुक़ दीनी मदरसों से है बाक़ी 80 प्रतिशत मुश्तबा गिरफ़्तार लोगों में स्कूली शिक्षा हासिल करने वाले हैं।

एनआईए ने कहा कि महाराष्ट्र और केरल में आईएस से हमदर्दी रखने वाले मुश्तबा लोगों की संख्या अधिक रही जो 12 और 11 हैं और तेलंगाना को तीसरा मुक़ाम हासिल है जो 10 मुश्तबा नौजवान इस बारे में गिरफ्तार किए गए हैं। कर्नाटक और बंगाल से पांच पांच गिरफ्तार किए गए लेकिन उत्तर प्रदेश से जहां मुसलमानों की सबसे अधिक आबादी है केवल चार मुश्तबा लोग गिरफ्तार किए गए।

जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश और दिल्ली से एक आरोपी गिरफ्तार किया गया। इन में 25 साल से कम उमर के नौजवानों है सिर्फ चार की उमर 40 साल से अधिक है। 52 मुश्तबा गिरफ्तार लोगों में तीन पोस्ट ग्रेजूएट और 20 इंजीनियर हैं जबकि केवल 20 प्रतिशत यानी 6 का संबंध दीनी मदरसों से है इन गिरफ्तार लोगों में 8.5 प्रतिशत सुन्नी मुसलमान हैं 50 प्रतिशत अहले हदीस, 30 प्रतिशत तब्लीग़ी जमात और 20 प्रतिशत देवबंदी हैं। 15 प्रतिशत लोग नव मुस्लिम हैं जो इस्लाम लाने से पहले हिंदू या ईसाई थे।

TOPPOPULARRECENT