Thursday , August 24 2017
Home / Featured News / “देश के भेड़िए, इन्हें दिखाई नहीं देता कि लोग देश में कैसे जी रहे हैं।”

“देश के भेड़िए, इन्हें दिखाई नहीं देता कि लोग देश में कैसे जी रहे हैं।”

_91377338_kid11

कार्ड-बोर्ड पर सोए हुए किर्गिस्तान के इस बच्चे तस्वीर ने सोशल मीडिया में हलचल पैदा कर दिया है।तीन साल के इस बच्चे की तस्वीर वायरल हो गई और सोशल मीडिया पर लोग इस पर ग़ुस्से और शर्मिंदगी का इज़हार कर रहे हैं। किर्गिस्तान के लोग देश की ग़रीबी और ख़राब आर्थिक हालत पर चर्चा कर रहे हैं।

तस्वीर को फ़ेसबुक पर पोस्ट इस लाइन के साथ शेयर किया गया जिसपे लिखा था, “अच्छा होता अगर ये बच्चा बाज़ार में इस तरह सोने के बजाय घर या स्कूल में सो रहा होता।”

फेसबुक में इस बच्चे की इसके फ़ौरन बाद बड़ी संख्या में लोगों ने इस तस्वीर को शेयर करना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया का एक तबका सड़क पर बच्चे को सोता छोड़ देने के लिए उसकी मां की आलोचना करनी शुरू कर दी। वहीं कुछ बच्चे के इस हालत के लिए किर्गिस्तान की सरकार और उसके राष्ट्रपति को कोंसने लगे।

एक फ़ेसबुक यूज़र ने लिखा, “देश के भेड़िए, इन्हें दिखाई नहीं देता कि लोग देश में कैसे जी रहे हैं।”

बीबीसी ट्रेंडिंग ने इस बारे में उस बच्चे की मां ज़ुल्फ़िया यूसेनोवा से बात की तो उन्होंने बताया, “जब मैं काम कर रही थी तो मेरे बेटे को नींद आ गई और वो सो गया। मुझे इस बात का पता ही नहीं चला। मैंने उसे सड़क से उठाकर कार्डबोर्ड पर सुला दिया। बमुश्किल 10-15 मिनट ही सोया होगा लेकिन मेरी बुराई होने लगी”

ज़ुल्फ़िया ने बताया कि उनका परिवार गरीबी में जीवन जी रहा है और उसके पति परिवार को सहारा देने रूस गए हैं।
बीबीसी की किर्गिज़ सेवा ने बताया कि ज़बरदस्त आर्थिक तंगी से गुज़र रहा है और क़रीब 15 लाख लोग यानी देश की आबादी का 20 फ़ीसदी हिस्सा बेहतर रोज़गार की तलाश में प्रवासी के तौर पर रूस में है।

ज़ुल्फ़िया के बेटे की कहानी वायरल होने के बाद अब लोग राष्ट्रपति से इस पर दखल देने की मांग हो रही है।

ज़ुल्फ़िया ने बताया, ” सरकार के एक मंत्री हमारे घर आए थे। और खाने-पीने के डब्बे, रजाइयां, कपड़े लाए थे। हम उनके इस क़दम की सराहना करते हैं। इसके अलावा हमें कोई और मदद नहीं मिली है। मैंने सुना है कि राष्ट्रपति ने मुझे घर देने का वादा दिया था। लेकिन इस दिशा में अब तक कुछ नहीं हुआ।”

मदद की बातें और मीडिया में चर्चा के बावजूद ज़ुल्फ़िया अपने बेटे की चर्चा सोशल मीडिया पर होने से शर्मिंदा हैं।
वो कहती हैं, “मैं बेहद शर्मिंदा हूं। मैं ग़रीब हूं लेकिन अपने बच्चों की अच्छी तरह से देखभाल करती हूं। मैं आलसी नहीं हूं।”

TOPPOPULARRECENT