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देश के मुस्लिम खुद को दोयम दर्जे का नागरिक समझते हैं- मुख्तार अब्बास नकवी

नईदिल्ली। केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है इस देश के अल्पसंख्यक खुद को दोयम दर्जे का नागरिक समझते हैं। उन्होंने कहा ऐसा वह इसलिए कह रहे हैं कुछ राजनैतिक दल और नेता अपने स्वार्थ और वोट पाने के लालच में वोट बैंक की राजनीति भड़काने के लिए देश के अल्पसंख्यको में यह भावना उभारते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा भारत एकलौता ऐसा देश है जहां अल्पसंख्यक अधिकारों को लेकर दुनिया के लिए एक नजीर है। हमारे संविधान ने अल्पसंख्यक को बराबर हक दिया गया है। पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यकों का क्या हाल है ये किसी से छुपा नहीं है। इन तथ्यों के बावजूद अल्पसंख्यकों में सियासी फायदे के लिए दोयम दर्जे की नागरिक होने का अहसास कराया जाता है जो गलत है।

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा देश के मुसलमानों को किसी सामने अपने देशभक्ति का सर्टिफिकेट पेश करने की जरुरत नहीं है। मोदी सरकार अल्पसंख्यकों के खिलाफ होने वाली सांम्प्रदायिक हिंसा रोकने के लिए गंभीर है। ऐसे कट्टरपंथी संगठनो पर लगाम कसा जायेगा जो देश की एकता तोड़ने और अल्पसंख्यको में भय का माहौल बनाते हैं।

गौरतलब है मुख्तार अब्बास नकवी का बयान उनकी ही सरकार को निशाना बना रहा है। मोदी सरकार के 2 साल के शासन देश और विदेशी मीडिया में अल्पसंख्यको पर होने वाले अत्याचार पर काफी आलोचना हो चुकी है।सच्चर कमेटी और कुन्दू कमेटी की रिपोर्ट से देश के मुस्लिमों की हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है। शैक्षिक और समाजिक स्तर पर मुस्लिम आबादी की हालात बेहद खराब है।

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