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देश भर के कैंपसों पर नज़र रखने के लिए तीन मुस्लिम लड़कियों ने खड़ी की वेबसाइट

नई दिल्ली। तीन मुस्लिम लड़कियों ने मात्र 20 साल की उम्र में वेबसाइट की कल्पना को साकार कर दिखाया। इस वेबसाइट ‘युवा अड्डा’ नाम दिया गया है जो पूरे देश के विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों से जुडी ख़बरों और सूचनाओं को यहाँ साझा करेगी। पिछले साल जुलाई में अनिदा सैफी, ईशा फातिमा और फराह हुसैन ने इस वेबसाइट को तैयार करने के बारे में विचार किया था।

इन तीनों ने चार महीने काफी प्रयास किये और जिसके चलते द्विभाषी वेबसाइट ‘युवा अड्डा’ तैयार हो गई। इसके लिए तीनों ने अपने दोस्तों, शुभचिंतकों और पत्रकारों से चर्चा की। वेबसाइट की सह-संस्थापक अनिदा सैफी ने कहा, इस वेबसाइट को युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह वेबसाइट युवाओं के लिए अपनी बात रखने का एक अच्छा मंच है। आज मीडिया ख़बरों पर ही फोकस है, कैम्पस से जुडी गतिविधियों को भुला दिया गया है, ऐसे में यह वेबसाइट इन युवाओ के लिए एक अच्छा वरदान साबित होगी।
वेबसाइट की एक और सह-संस्थापक ईशा फातिमा कहती हैं कि आमतौर पर एक समाचार वेबसाइट चलाने के लिए पुरुषों का वर्चस्व रहा है। हम जानते हैं कि महिलाएं भी एक समाचार वेबसाइट स्वतंत्र रूप से चला सकती हैं और यह हमने साबित कर दिखाया है। हम एक ऐसी वेबसाइट शुरू करने की योजना बनाई थी जिसमें महिलाओं की टीम का वर्चस्व हो।

फराह हुसैन ने कहा कि वेबसाइट को चार महत्वपूर्ण वर्गों में बांटा गया है जिसमें प्रोफेसर (वाणी), कैम्पस (यादें), कैम्पस (हीरो) और मुझे कुछ कहना है। प्रोफेसर वाणी प्रोफेसरों और छात्रों के अनुभवों पर आधारित है। कैम्पस में प्रोफेसरों और छात्रों के बीच की खाई को भरने के लिए पर केंद्रित है। हमने पहले से ही जेएनयू, एएमयू, जेएम्आई और डीयू से विभिन्न प्रोफेसरों को जोड़ा है और हम देश भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

कैम्पस यादें पूर्व छात्रों की की कहानियों पर केंद्रित है जिससे पूर्व छात्र और छात्रों को साथ जोड़ना है। कैम्पस हीरो उसके गुणों और कौशल पर आधारित है जो जबकि मुझे कुछ कहना है, कैम्पस चर्चा पर केंद्रित है। अनिदा सैफी कहती हैं कि अभी तक एक इसका कार्यालय नहीं है और हम कर पूरा काम हमारे घरों से पूरा कर रहे हैं। सारा खर्च अपनी जेब से कर रहे हैं। 18 दिसंबर को लांच हुई वेबसाइट में तीनों प्रबंधक पार्ट टाइम आधार पर हैं। दर्शकों की हमें अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।
जामिया मिलिया इस्लामिया में राजनीति विज्ञान विभाग की छात्र असफा खान टीम से जुडी हैं। युवा अड्डा लंबी अवधि के लिए देश के कैम्पस में प्रतिनिधि को रखेगा जिससे वहां के समाचार, कार्यक्रम हमको मिल सकें। इसके अलावा, हम मुख्यधारा की मीडिया के साथ प्रतिस्पर्धा करना चाहते हैं।

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