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दोस्त के पास पैसे नहीं थे इसलिए मुस्लिम व्यापारी ने कराया मंदिर में ‘भंडारा’

भोपाल। मौजूदा समय में देश भर में जात-पात और मजहब को लेकर फैली अशांति के बीच एक मुस्लिम व्यापारी ने यहाँ नर्मदा जयंती के मौके पर मंदिर में भंडारा कराकर गंगा-ज़मुनी संस्कृति की मिसाल पेश की है. यह वाकया भोपाल के हरदा का है जहाँ हाल ही में सांप्रदायिक तनाव की घटना के बाद धारा 144 लगा दी गई थी.

मामला कुछ यूँ  है कि हर साल की तरह इस साल भी यह ‘भंडारा’ मंदिर में होना था लेकिन इसके एक आयोजक रमेश भाई ने इत्र व्यवसायी यामीन खान से कहा कि इस साल वह ‘भंडारा’ करने में सक्षम नहीं है, इसके पश्चात यामीन खान ने इस भंडारे का आयोजन करने की पहल की.

यामीन ने रमेश भाई को यकीन दिलाया कि हर साल की तरफ इस साल भी ‘भंडारा’ ज़रूर होगा. गौरतलब है नर्मदा जयंती पर होने वाले इस भंडारे में हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं.

भंडारा कराने की जिम्मेदारी लेने के बाद यासीन ने स्थानीय निवासियों से मुलाकात कर तय किया कि इस साल भी नर्मदा जयंती के अवसर पर मंदिर में वार्षिक भंडारा जारी रखा जाएगा.

हालांकि इस सप्ताह हरदा में सांप्रदायिक तनाव रहा. उपद्रवियों ने पथराव और हंगामा किया जिसके चलते धारा 144 और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था लेकिन यामीन खान और उनके साथी भंडारे के आयोजन में लगे रहे.

विष्णु अग्रवाल, संतोष अग्रवाल और जानी परिवार ने भी अपना सहयोग दिया। इस मौके पर यामीन खान ने कहा कि मैं एक मुस्लिम हूं, दिन में पाँच नमाज अदा करता हूं. खान ने कहा कि उन्होंने बचपन से देखा है कि ऐसे आयोजन हमारी संस्कृति का हिस्सा है.

 

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