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धनबाद में चाल धंसने से चार की मौत

चिरकुंडा से सात किमी दूर बीसीसीएल सीवी एरिया की बसंती माता कोलियरी के सुशील इंक्लाइन में चाल धंसने से मैनेजर समेत चार मजदूरों की मौत हो गयी। तीन लोग जख्मी हो गये। वाकिया पीर के दिन करीब 11.15 बजे की है।

चिरकुंडा से सात किमी दूर बीसीसीएल सीवी एरिया की बसंती माता कोलियरी के सुशील इंक्लाइन में चाल धंसने से मैनेजर समेत चार मजदूरों की मौत हो गयी। तीन लोग जख्मी हो गये। वाकिया पीर के दिन करीब 11.15 बजे की है।

बताया जाता है कि मलबे में दर्जनों मजदूर फंसे हैं। इत्तिला के मुताबिक, हर दिन की तरह पीर को भी तकरीबन 259 मजदूर और अफसर इंक्लाइन में गये थे। इनमें कुछ अंदर ही रह गये हैं। बीसीसीएल के डीटी (डायरेक्टर टेक्निकल) अशोक सरकार ने एक की मौत और तीन लोगों के फंसे होने की तसदीक़ की है। वाकिया के बाद आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया। खदान के बाहर भीड़ जुट गयी। कई अफसर और सियासी पार्टी के लोग भी पहुंच गये। बचाव और राहत काम शुरू कर दिया गया है। रेसक्यू टीम के लोग लाश और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने में जुट गये हैं। देर शाम तक एक की लाश निकाला जा सका था। बीसीसीएल के डीटी (डायरेक्टर टेक्निकल) अशोक सरकार अफसरों के साथ ज़ाये हादसा पर कैंप कर रहे हैं।

ज़ायेहादसा के बगल ओसीपी में हो रहा था धमाका
जिस खदान में वाकिया घटी, वहां से कुछ दूरी पर ओसीपी (खुली खदान) वाक़ेय है। वाकिया के बाद भी ओसीपी में मुसलसल धमाका हो रहा था। मजदूर क़ायेदीनों का कहना है कि इस बात की तफ़सीश होनी चाहिए कि धमाका का कितना असर खदान की चाल पर पड़ रहा है।

कैंप कर रहे जवान
ज़ायेहादसा पर सीआइएसएफ और पुलिस को तैनात कर दिया गया है। सीआइएसएफ के जवान के अलावा पंचेत, कालूबथान, चिरकुंडा, मैथन, कुमारधुबी और निरसा पुलिस कैंप कर रही है।

मरने वालों में प्रोजेक्ट मैनेजर अरूप चटर्जी भी शामिल
जिनकी मौत हुई : प्रोजेक्ट मैनेजर अरूप चटर्जी, एसडीएल ऑपरेटर लिटू साव, एग्सक्यूसिव कैरियर एस तारा, ट्रामर हरिलाल (शाम करीब 5.45 बजे लाश को निकाला गया)

जख्मी : सुफल सोरेन, ट्रामर लाल मोहन सिंह, एक दीगर मजदूर

20 फुट के इलाक़े में धंसी चाल
मजदूरों के मुताबिक, 20 बाई 20 फुट इलाक़े की चाल धंसी है। यह काफी संगीन माना जा रहा है। इतनी बड़ी चाल गिरने से वाज़ेह होता है कि मजदूर वहां महफूज की हालत में काम नहीं कर रहे थे।

कैसे हुई वाकिया

इंक्लाइन के फेज 16 नंबर लेबल के 21 नंबर डीप में मजदूरों को चाल दरकने का एहसास हुआ। मजदूरों ने इसकी इत्तिला प्रोजेक्ट मैनेजर अरूप चटर्जी को दी। मैनेजर ने तमाम को बाहर निकलने को कहा। खुद चाल देखने चले गये। इसी दरमियान चाल धंस गयी।

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