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धमाकों के मुक़ाम और दवाख़ाना उसमानिया में दिलख़राश मुनाज़िर रिश्तेदारों की आह-ओ-बका

हैदराबाद, 22 फरवरी: (सियासत न्यूज़) दिलसुखनगर में पेश आए सिलसिला वार बम धमाकों के बाद भगदड़ और ख़ौफ़ के माहौल में ज़ख़मीयों को उसमानिया जनरल हॉस्पिटल मुंतक़िल किया गया । जहां हुक्काम ने सारे हॉस्पिटल और मुर्दा ख़ाने को अमलन अपने मुहासिरा

हैदराबाद, 22 फरवरी: (सियासत न्यूज़) दिलसुखनगर में पेश आए सिलसिला वार बम धमाकों के बाद भगदड़ और ख़ौफ़ के माहौल में ज़ख़मीयों को उसमानिया जनरल हॉस्पिटल मुंतक़िल किया गया । जहां हुक्काम ने सारे हॉस्पिटल और मुर्दा ख़ाने को अमलन अपने मुहासिरा में ले लिया था ।

ज़ख्मीयों की उसमानिया हॉस्पिटल में इत्तिला के बाद ज़ख़मीयों के रिश्तेदारों का हॉस्पिटल पर तांता बंध गया और रोते बिलबिलाते हुए ज़ख्मियों के रिश्तेदार हॉस्पिटल पहूंचे जहां उनकी रहनुमाई और ज़ख्मियों की इत्तिलाआत फ़राहम करने का कोई मूसिर निज़ाम ना होने के सबब शहरीयों को काफ़ी मुश्किलात का सामना करना पड़ा वो रोते और बिलबिलाते हुए उधर से उधर पुलिस से कभी मीडीया और कभी हॉस्पिटल के अमला से अपने रिश्तेदारों के मुताल्लिक़ तफ़सीलात फ़राहम कर रहे थे ।

इस मौक़ा पर उसमानिया हॉस्पिटल में ग़म के बादल छाए हुए थे और हर तरफ़ ख़ौफ़ का माहौल पैदा होगया था । रात देर गए चीफ़ मिनिस्टर आंधरा प्रदेश मिस्टर एन किरण कुमार रेड्डी ने हॉस्पिटल पहूंच कर ज़ख़मीयों की इयादत की और डाक्टरों से तफ़सीलात हासिल कीं ।

क़ब्लअज़ीं उसमानिया जनरल हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में हर थोड़ी बाद एक ज़ख्मी को मुंतक़िल किया जा रहा था । सारा इलाक़ा एम्बूलेंस के सायरनों की गूंज से जंग के मैदान का माहौल पेश कर रहा था और कई ज़ख्मी शहरी अपना नाम बताने के मौक़िफ़ में नहीं थे ।

ख़ौफ़-ओ-दहशत ने उनके दिलों पर ख़ौफ़ तारी कर दिया था और हॉस्पिटल अहाता में रोते हुए ज़ख्मियों के रिश्तेदार अपने अफ़राद ख़ानदान की फ़िक्र में परेशान थे तो दूसरी तरफ़ पुलिस की भारी जमईयत को दोनों गेटों पर मुतय्यन कर दिया गया था और सारे इलाक़ा को पुलिस ने अमलन अपने मुहासिरा में ले लिया था ।

ज़ख्मियों की तादाद में इज़ाफ़ा के बाद हॉस्पिटल अमला ने सिवाए ज़ख्मियों और वे आई पीज के किसी को अंदर जाने की इजाज़त नहीं दी और मीडीया को भी मेन गेट पर रोक दिया गया । सिटी पुलिस कमिश्नर मिस्टर अनुराग शर्मा ने हॉस्पिटल पहूंचकर ज़ख्मियों की इयादत की और डॉक्टर्स से तफ़सीलात हासिल कीं ।

उसमानिया जनरल हॉस्पिटल के इलावा शहर के दीगर 6 दवाख़ानों में ज़ख्मियों की कसीर तादाद मौजूद थी । उसमानिया जनरल हॉस्पिटल में तक़रीबन 23 ज़ख्मियों का ईलाज किया गया । जिसमें सदी नायक राजेश भास्कर राजेश लंगा या रामा कृष्णा यशोधा प्रवीण कुमार हरी नायक सदया नायक तिरूपति गंगोली अब्राहम रामेश रवी बालाया रणजीत रवी कुमार रमेश राजू प्रशांत अशोक और साई राज गौड़ ज़ेर-ए-इलाज थे ।

बताया जाता है कि कमला हॉस्पिटल में मोनीका मानसा के स्वामी एस सिन्हा विजय कुमार सीनू कृष्णा जावेद गणेश नरसिम्हा रेड्डी अबदुल जब्बार समद और रामा कृष्णा ज़ेर-ए-इलाज हैं । जबकि एक और ख़ानगी हॉस्पिटल में दर्जनों ज़ख्मियों को रखा गया है ।

ज़ख्मियों के रिश्तेदारों को भी इत्तिलाआत फ़राहम करने का कोई मूसिर निज़ाम ना होने की वजह से काफ़ी मुश्किलात का सामना करना पड़ा और कई रिश्तेदार शहर के दीगर हॉस्पिटलों पर अपने रिश्तेदारों की इत्तिलाआत के लिए फ़िक्र में घूम रहे थे । बादअज़ां ज़ख्मियों को कॉरपोरेट हॉस्पिटल में मयारी तिब्बी सहूलीयात के ऐलान के बाद ज़ख्मी अफ़राद के रिश्तेदारों की फ़िक्र में कमी हुई ।

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