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धोनी-युवराज की तरह गावस्कर-कपिल ने दिलाई थी पाकिस्तान पर ऐतिहासिक जीत

दिल्ली : ओडिशा के बाराबती स्टेडियम में महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह ने जिस प्रकार इंग्लैंड के खिलाफ रिकॉर्ड साझेदारी कर भारत को सीरीज में जीत दिलाई ठीक उसी तरह 20 जनवरी को सुनील गावस्कर और कपिल देव की जोड़ी ने 1980 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज में ऐतिहासिक जीत दिलाई थी. गावस्कर और कपिल की जोड़ी की बदौलत पाकिस्तान के खिलाफ भारत 27 सालों बाद टेस्ट सीरीज जीतने में कामयाब हुआ था. ठीक एक साल पहले दोनों देशों के बीच पाकिस्तान में खेली गई तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में भारत को 0-2 से हार का सामना करना पड़ा था. नवंबर 1979 में छह टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने भारत पहुंची पाकिस्तान की टीम ने बंगलुरु और दिल्ली में खेले गए टेस्ट को ड्रॉ खेली. इसके बाद मुंबई टेस्ट को भारत ने 131 रन से जीत लिया. इसके बाद कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में खेला गया टेस्ट ड्रॉ छूटा लेकिन चेन्नई में खेला गया सीरीज का पांचवा मैच भारत के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ.

पाकिस्तान ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. मैच की शुरुआत से ही कपिल देव ने अपनी आउट स्विंग से मुदस्सर नजर, सादिक मोहम्मद, जहीर अब्बास और जावेद मियांदाद सरीखे खिलाड़ियों को आउट कर टेस्ट पर पकड़ मजबूत बना ली. दूसरे दिन पाकिस्तानी टीम 272 रन पर ऑल आउट हो गई. इसके बाद भारत बल्लेबाजी करने उतरा तो कप्तान सुनील गावस्कर एक छोड़ पर डट गए. दूसरी छोर से विकेट गिरते रहे. हालांकि गावस्कर दूसरे दिन 92 पर नाबाद रहे और भारत के कुल 4 विकेट पर 161 रन बन गए.

तीसरे दिन भारत के केवल तीन विकेट गिरे और गावस्कर ने न केवल अपना 21वां टेस्ट शतक जड़ा बल्कि यशपाल शर्मा के साथ 105 रनों और कपिल देव के साथ 60 रनों की साझेदारी निभाई. गावस्कर के अलावा कपिल देव ने भी 84 रनों की उम्दा पारी खेली और भारत ने अपनी पहली पारी में 430 रन बनाए. पाकिस्तान पर पहली पारी के आधार पर भारत को 158 रनों की बढ़त मिल गई.

मैच के चौथे दिन पाकिस्तान दोबारा बल्लेबाजी के लिए उतरा तो कपिल देव की गेंदबाजी उन पर कहर बन कर बरपी. कपिल ने एक बार फिर दोनों ओपनर मुदस्सर नजर और सादिक मोहम्मद के साथ ही जहीर अब्बास को भी चलता कर दिया. पाकिस्तान की आधी टीम केवल 58 रनों पर पवेलियन लौट गई. हालांकि इसके बाद वसीम राजा और जावेद मियांदाद ने 89 रनों की साझेदारी निभाई. इसके बावजूद पाकिस्तान ने चौथे दिन का खेल खत्म होने तक सात विकेट के नुकसान पर केवल 178 रन बना सकी.

भारत ने मनोवैज्ञानिक बढ़त के साथ पांचवे दिन की शुरुआत की क्योंकि पाकिस्तान के सात विकेट गिर चुके थे और उनकी बढ़त महज 20 रनों की थी. पांचवे दिन इमरान खान और वसीम बारी ने छोटी छोटी साझेदारी कर पाकिस्तान के स्कोर को 233 पर पहुंचा दिया. कपिल देव ने पाकिस्तान की दूसरी पारी में सात विकेट चटकाकर मैच में अपने विकेटों की संख्या 11 पर पहुंचा दी. भारत के सामने जीत के लिए 76 रनों का लक्ष्य था जिसे गावस्कर और चेतन चौहान की सलामी जोड़ी ने केवल 18 ओवर्स में पूरे कर टीम को ऐतिहासिक जीत दिला दी.

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