Wednesday , October 18 2017
Home / Hyderabad News / नए इंजीनीयरिंग कॉलिजस खोलने पर इमतिना के ख़िलाफ़ मुतालिबात में इज़ाफ़ा

नए इंजीनीयरिंग कॉलिजस खोलने पर इमतिना के ख़िलाफ़ मुतालिबात में इज़ाफ़ा

हैदराबाद।१‍७ फरवरी (सियासत न्यूज़) रियास्ती हुकूमत पर नए इंजीनीयरिंग कॉलिजस खोलने पर इमतिना के ख़िलाफ़ मुतालिबात का दबाओ बढ़ता जा रहा हैं।

हैदराबाद।१‍७ फरवरी (सियासत न्यूज़) रियास्ती हुकूमत पर नए इंजीनीयरिंग कॉलिजस खोलने पर इमतिना के ख़िलाफ़ मुतालिबात का दबाओ बढ़ता जा रहा हैं।

हाल ही में रियास्ती हुकूमत पर इंजीनीयरिंग कॉलिज एसोसी उष्णस की जानिब से दबाओ था किवज़ारत फ़रोग़ इंसानी वसाइल को लिखा जाय कि नए प्रोफ़ैशनल कॉलिजस की इजाज़त ना दी जाय क्योंकि 2012-13 मैं नशिस्तों की इफ़रात ही। इंजीनीयरिंग फार्मेसी एमसी ई एमबी ई पॉलीटेक्निक और दीगर तकनीकी कोर्सस में हज़ारों नशिस्तें गुज़शता बरस मख़लवा रही थीं।

दिलचस्प अमर ये है कि ऑल इंडिया कौंसल फ़ार टेक्नीकल अज्जू क्षीण (ए आई सी टी ई) को जारीया साल रियासत में नए कॉलिजस खोलने की इजाज़त देने 41 दरख़ास्तें मौसूल हुई हैं जिन में तालीमी साल 2012-13 के लिए 17 पाली टेक्निक्स 11 इंजीनीयरिंग 6 एमबी ए और दो फार्मेसी दो टेक्नीकल कैंपसस और एक पी जी डी ऐम तालीमी इदारों की दरख़ास्तें शामिल हैं।

उन्हों ने मुबय्यना तौर पर रियास्ती हुकूमत के महिकमा तकनीकी तालीम से ए आई सी टी ई को दरख़ास्त देने नौ अबजीकशन सर्टीफ़िकेटस भी हासिल करलिए हैं। दरख़ास्तों की मोसोली के बाद ए आई सी टी ई ने 41 दरख़ास्तों की तन्क़ीह के लिए दो कमेटियां तशकील दी थीं जिन में से 28 दरख़ास्तें ये ब्यान करते हुए मुस्तर्द करदी गईं कि दरख़ास्त गुज़ार अहलीती मयारात जैसे दरकार इनफ़रास्ट्रक्चर को पूरा करने में नाकाम रहे हैं

TOPPOPULARRECENT