Saturday , October 21 2017
Home / World / नक़ाब पर बरतरफ़ी के क़वाइद तास्सुब: फ़्रांसीसी अदालत आलीया

नक़ाब पर बरतरफ़ी के क़वाइद तास्सुब: फ़्रांसीसी अदालत आलीया

पेरिस, 20 मार्च: (ए एफ पी) फ़्रांस की एक मुस्लिम ख़ातून जिसे इस्लामी सरपोश मुक़ाम मुलाज़मत पर पहनने की बिना पर इसके मज़हब की बुनियाद पर बरतरफ़ कर दिया गया था। फ़्रांस की अदालत आलीया ने अपने एक तारीख साज़ फैसला में उसे तास्सुब पर मबनी और नामु

पेरिस, 20 मार्च: (ए एफ पी) फ़्रांस की एक मुस्लिम ख़ातून जिसे इस्लामी सरपोश मुक़ाम मुलाज़मत पर पहनने की बिना पर इसके मज़हब की बुनियाद पर बरतरफ़ कर दिया गया था। फ़्रांस की अदालत आलीया ने अपने एक तारीख साज़ फैसला में उसे तास्सुब पर मबनी और नामुंसिफ़ाना क़वाइद क़रार दिया।

क़ब्ल अज़ीं वरसेल्ज़ की एक अदालते मुराफ़ा ने आजिर के इस हक़ की तौसीक़ की थी। पेरिस के मुज़ाफ़ात में वाकेय् एक ख़ानगी बच्चा घर में इस मुस्लिम ख़ातून को मुलाज़मत से बरतरफ़ कर दिया गया था जबकि इसने दौरान मुलाज़मत अपना सरपोश अलैहदा करने से इनकार कर दिया था।

सरपोश , यहूदी टोपी यह सिखों की पगड़ी यानी किसी भी मज़हबी अलामत पर फ़्रांस के स्कूल्स में इम्तिना आइद है। ये स्कूल सख़्ती से सैक्यूलर उसूलों पर अमल पैरा हैं लेकिन कोर्ट आफ़ सेशन (अदालत आलीया) ने अपने फैसला में कहा कि ये उसूल इस ख़ातून पर नाफ़िज़ उल-अमल नहीं होना चाहीए क्योंकि वो एक ख़ानगी बच्चों की देख भाल करने वाले कमरे में या नर्सरी में तैनात है और वहां इसके मज़हबी अक़ीदा के इज़हार पर कोई पाबंदी नहीं होनी चाहीए।वज़ीर ए दाख़िला मेनवेल वाल्स ने पार्ल्यामेंट में बयान देते हुए कहा कि अदालत आलीया का फैसला अफ़सोसनाक है।

TOPPOPULARRECENT