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नक्सलियों के ठिकानों को ढूंढने के लिए ड्रोन की मदद ली जायेगी

पटना : अब सीआरपीएफ राज्य के सर्वाधिक नक्सल प्रभावित जिलों जमुई, गया, नवादा, औरंगाबाद, लखीसराय, कैमूर समेत अन्य जिलों में सघन छापेमारी अभियान चलायेगा. इसका मुख्य मकसद सभी प्रमुख नक्सल नेताओं को दबोचना है. इसके लिए खासतौर से रणनीति तैयार की गयी है.
शुक्रवार को इससे संबंधित एक विशेष समीक्षा बैठकसबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित जिले जमुई में सीआरपीएफ के आइजी एमएस भाटिया ने अपने सभी प्रमुख अधिकारियों के साथ की. इस दौरान सभी नक्सल प्रभावित जिलों में बड़े ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए खासतौर से चर्चा की गयी और इसे लेकर विशेष कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया गया. जवानों को आक्रमक तेवर अपनाने के लिए कहा गया है.
यह भी निर्णय लिया गया है कि नक्सलियों के ठिकानों को ढूंढने और सघन जंगलों में नक्सलियों का पता लगाने के लिए ड्रोन की मदद ली जायेगी. इसकी मदद से नक्सलियों को उनके मांद में घूस कर घेरने में बड़ी सहायता मिलेगी. यह पहली बार है जब इतने व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन में ड्रोन का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है. आइजी ने कोबरा और अन्य सीआरपीएफ के जवानों को निर्देश दिया कि बरसात के मौसम में वे ज्यादा सतर्कता बरतें. अपनी चौकियों के पास सुरक्षा और पूरे इलाके में गश्ती को बढ़ा दें. क्योंकि बरसात के मौसम का फायदा उठा कर नक्सली हमेशा हमला करने की फिराक में रहते हैं.
नक्सल ऑपरेशन में सबसे ज्यादा नुकसान आइइडी से होता है और इसका ही फायदा हमेशा नक्सली उठाते हैं. इससे बचने के लिए जवानों को सतर्क रहने, खूफिया जानकारी ज्यादा से ज्यादा जुटाने और एसओपी का पालन करने का निर्देश दिया गया. बैठक में जवानों के आवास समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की जरूरतों पर भी चर्चा की गयी. इस दौरान डीआइजी नीरज कुमार, एचएस मल्ल, करुणा राय, सुरेश कुमार, भूपेश यादव समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.
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