Thursday , August 24 2017
Home / Delhi News / नज़ीब के नाम पर जे.एन.यू में किया जा रहा है मुसलमानों का बहिष्कार

नज़ीब के नाम पर जे.एन.यू में किया जा रहा है मुसलमानों का बहिष्कार

नई दिल्ली। 30 अक्टूबर 2016 को जवाहरलाल नेहरु युनिवेर्सिटी में छात्र संघ द्वारा नज़ीब के इन्साफ की मांग को लेकर बैठक आयोजित की गयी। नज़ीब अहमद यूनिवर्सिटी का एक छात्र पिछले 23 दिन से यूनिवर्सिटी परिषद् से लापता है।

हालाँकि इस विरोध प्रदर्शन के दौरान लोकतान्त्रिक प्रदर्शन का उल्लंघन किया गया और इस आंदोलन में एक बार फिर मुसलमानों और हाशिये के समाज की आवाज़ का बहिष्कार किया गया।

जहां एक तरफ नजीब के गायब होने को नकार दिया गया है वही दूसरी तरफ मुसलमानो की आवाज़ और आंदोलन में शामिल दूसरे हाशिये के लोगों को अनदेखा किया जा रहा है।
इस बैठक में जहां मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे वहीं पर कुछ बड़ी शख्सियत को छोड़ कर दलित बहुजन समुदाय के कुछ नेता शामिल हुए।
पूरी सभा सवर्ण राष्ट्रवादी और वामपंथी नेताओं आप सीपीआई(एम्), सीपीआई (एल) और कांग्रेस के द्वारा नियंत्रित की गयी। कुछ नेता अरविन्द केजरीवाल, शशी थरूर और कविता कृष्णन जो की बहुजन विरोधी घृणा के लिए जाने जाते हैं जेनयू आये और सभा में शामिल हुए ।लेकिन इन के भाषण में स्वर्ण उच्च जाती हिंदुओं के समान हाशिये के लोगो की सामाजिक स्तिथी और उनकी समस्याओं की झलक नज़र नहीं आयी। ये लोग आये और व्यक्तिगत तौर पर बिना किसी समाजिक और विषय समस्या पर बोले चले गए।

जेनयू छात्रसंघ की पब्लिक सभा समाजिक बहिष्कार को लेकर थी लेकिन फिर भी मुस्लिम लीग, एआईएमआईएम, यूडीएफ और बसपा के सांसदों को सभा में आमंत्रित नहीं किया गया। मुस्लिम गैर संसदीय संगठन जो जेनयू में नजीब आंदोलन में काफी सक्रिय थे उनका भी बहिष्कार किया गया।
इसके साथ ही कैंपस में सक्रिय और भी मुस्लिम संगठनों का बहिष्कार किया गया जिसमें एसआईओ, वाईफडीए और सीएफआई शामिल हैं।

दलित, आदिवासी समुदाय, तमिल छात्र आंदोलन, सिख अल्पसंख्यक, इसाई अल्पसंख्यक और नार्थ ईस्ट के छात्र आंदोलन में से छात्रों और कार्यकर्ताओं की और से कोई प्रदर्शन नहीं देखने को मिला। मुस्लिम समुदाय और दूसरे हाशिये के समाज को नकारना जेएनयू ब्राह्मणिक शक्तियों के वर्चस्व को दर्शाता है जहां पर इन हाशिये के लोगों को सिर्फ एकतरफा संवाद का स्थान ही मिल पाता हैं।

मुसलमानों को पूरे देश में ब्राह्मणवाद के नाम पर निशाना बनाया कर हत्या और बहिष्कार किया जा रहा है। जिसका उदाहरण हाल में घटी जे एन यू की घटना में देखने को मिलता है।

TOPPOPULARRECENT