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नरेंद्र मोदी की वज़ीर-ए-आज़म पर तन्क़ीद

नरेंद्र मोदी ने वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह पर उनके रोशन मुस्तक़बिल के तब्सिरा की बिना पर ग़ैर मुक़ीम हिन्दुस्तानियों के इजलास में सख़्त तन्क़ीद की। यू पी ए को तन्क़ीद का निशाना बनाते हुए उन्होंने कहा कि उसकी स्कैंडल्स की पालिसी ने मुल

नरेंद्र मोदी ने वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह पर उनके रोशन मुस्तक़बिल के तब्सिरा की बिना पर ग़ैर मुक़ीम हिन्दुस्तानियों के इजलास में सख़्त तन्क़ीद की। यू पी ए को तन्क़ीद का निशाना बनाते हुए उन्होंने कहा कि उसकी स्कैंडल्स की पालिसी ने मुल्क को मफ़लूज कर दिया है और इंतेशार की सियासत में अवाम के एतेमाद और हुकूमत और इसके क़ाइदीन के बारे में तसव्वुर पर ज़रब लगाई है।

प्रवासी भारतीय दिवस‌ के प्लीनरी इजलास में मोदी ने एन आर आईज़ पर ज़ोर दिया कि वो इंतेख़ाबी अमल में हक़ रायदही से इस्तिफ़ादा करते हुए शिरकत करें और इन्क़िलाब में मदद करें। उन्होंने कहा कि मुल्क में एक इन्क़िलाब आने वाला है। वज़ीर-ए-आज़म ने कल एक अच्छी बात कही थी।

उन्होंने कहा था कि बहुत जल्द रोशन मुस्तक़बिल आने वाला है और मायूस होने की कोई ज़रूरत नहीं है। मोदी ने कहा कि वो वज़ीर-ए-आज़म से मुत्तफ़िक़ हैं वो मज़ीद कुछ नहीं कहना चाहते। आप को सिर्फ़ 4 या 6 माह इंतेज़ार करना होगा। अच्छे दिन ज़रूर आयेंगे। बी जे पी के विज़ारत-ए-उज़मा के उम्मीदवार ने निशानदेही की कि उनकी पार्टी मर्कज़ में लोक सभा इंतेख़ाबात के बाद नई हुकूमत तशकील देगी।

मोदी का मनमोहन सिंह पर तंज़ वज़ीर-ए-आज़म के इस बयान के एक दिन बाद मंज़रे आम पर आया है जिस में उन्होंने हिन्दुस्तानी मईशत की मौजूदा सूरत-ए-हाल के बारे में बैरून-ए-मुल्क मुक़ीम हिन्दुस्तानियों के अंदेशों का अज़ाला करने की कोशिश करते हुए कहा था कि मायूस होने की कोई ज़रूरत नहीं है।

हिन्दुस्तानी मईशत का मुस्तक़बिल रोशन है। अपनी लिखी हुई तहरीर पढ़ कर सुनाते हुए जिसकी नकलें इजलास के शुरका में तक़सीम भी की गई थी, यू पी ए हुकूमत पर तन्क़ीद करते हुए मोदी ने कहा कि खासतौर पर गुज़श्ता 10 साल के दौरान हक़ीर सियासत की ऐसी पस्ती जिसकी माज़ी में कोई मिसाल नहीं मिलती हमें दिखाई दी है।

ख़ुदग़र्ज़ी और इस्तेहसाल उसूलों की सौदे बाज़ी और मुस्तक़िल बुनियाद पर क़ौम की तामीर के दावे झूटे साबित होते नज़र आते। उन्होंने कहा कि मईशत का हाइल अबतर होगया क्योंकि एक बाद एक कई स्कैंडल्स और करप्शन के वाक़ियात का इन्किशाफ़ हुआ। बुनियादी ख़िदमात दस्तयाब नहीं थीं।

पालिसी मफ़लूज हो गई थी। मआशरा जमूद का शिकार था और बहैसीयत मजमूई इंतेशार पसंद सियासत के अवाम के इस तसव्वुर और एतिमाद पर मनफ़ी असरात पैदा हुए थे जो अवाम को हुकूमत और क़ाइदीन पर था। करप्शन के बारे में सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि तबदीली पर तवज्जु मर्कूज़ करनी चाहिए।

मसाइल के उभरने के बाद इनका सामना करना करप्शन को रोकने के बजाय इस में इज़ाफ़ा करता है। उन्होंने कहा कि माबाद करप्शन हमारे मुल्क में कई मुबाहिस हुए हैं कोई लोक पाल की तो कोई जन लोक पाल की बात करता है। हमें अपनी तवज्जु करप्शन पर मर्कूज़ करनी चाहिए माबाद करप्शन पर नहीं।

हमें करप्शन होने से पहले ही उसकी रोक थाम के इक़दामात करने चाहिए। करप्शन के ख़ातमे के लिए उन्होंने तजवीज़ पेश की कि रियासतें पालिसीयों और क़वाइद पर सख़्ती से अमल करें। अवाम चाहती हैं कि रियासतें मर्कज़ के ज़रीये कार्रवाई करने के बजाय रास्त इक्दामात करें।

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