Friday , October 20 2017
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नसीर उद्दीन के फ़रज़न्दों की दुबारा गिरफ़्तारी की कोशिश तौहीन अदालत

हैदराबाद ।२०। सितंबर : ( रास्त ) : जनाब मुहम्मद अमान अल्लाह ख़ां , मुजाहिद हाश्मी , क़ाइदीन अवामी मजलिस-ए-अमल ने कहा कि मुल्क में बेक़सूर मुस्लिम नौजवानों को गिरफ़्तार करते हुए फ़र्ज़ी मुक़द्दमात में फंसाना मामूल बन चुका है । बिलख़स

हैदराबाद ।२०। सितंबर : ( रास्त ) : जनाब मुहम्मद अमान अल्लाह ख़ां , मुजाहिद हाश्मी , क़ाइदीन अवामी मजलिस-ए-अमल ने कहा कि मुल्क में बेक़सूर मुस्लिम नौजवानों को गिरफ़्तार करते हुए फ़र्ज़ी मुक़द्दमात में फंसाना मामूल बन चुका है । बिलख़सूस इस्लामी तालीमात-ओ-हमीयत-ओ-ग़ैरत से आरास्ता नौजवानों की ज़िंदगीयों को अजीर्ण करदेना पुलिस की पालिसी का हिस्सा बन गया है ।

उन्हों ने मज़ीद कहा कि मौलाना नसीर उद्दीन की तक़ारीर से मुआशरे में इस्लाह और दीनी हमीयत-ओ-ग़ैरत की बेदारी पुलिस-ओ-मुनाफ़िक़ों को खटकने लगी जिस की वजह उन के सारे ख़ानदान पर मुक़द्दमात आइद किए गए । जब ये नौजवान अदालत से बाइज़्ज़त बरी हो गए तो दुबारा उन्हें फांसने की कोशिश खुली मुस्लिम दुश्मनी का सबूत है और अदालत के फ़ैसले के तौहीन के मुतरादिफ़ है ।

मुख़्तलिफ़ समाजी , मज़हबी और इंसानी हुक़ूक़ की तंज़ीमों के क़ाइदीन की ज़िम्मेदारी है कि वो इस के ख़िलाफ़ एहतिजाज करें ताकि पुलिस ऐसे ज़ुलम से बाज़ आजाए और क़ानून के सही इस्तिमाल से मलिक का-ओ-क़ार बुलंद हो जैसा कि आँजहानी हेमंत करकरे ने बुलंद किया था ।।

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